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UGC ने बदला नियम, अब MPT और MOT की डिग्री सिर्फ नाम की नहीं, स्पेशलाइजेशन के साथ मिलेगी

अब छात्रों को सामान्य डिग्री के बजाय स्पेशलाइजेशन के साथ डिग्री मिलेगी. यह बदलाव नए छात्रों पर लागू होगा, जबकि पुराने छात्रों की डिग्री पहले की व्यवस्था के अनुसार ही प्रदान की जाएगी.

UGC ने बदला नियम, अब MPT और MOT की डिग्री सिर्फ नाम की नहीं, स्पेशलाइजेशन के साथ मिलेगी
अधिसूचना में एलाइड और हेल्थकेयर क्षेत्र के कई अन्य डिग्री कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है.

UGC Notification 2026 : यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने एकेडेमिक सेशन 2026-27 से Master of Physiotherapy (M.PT) और Master of Occupational Therapy (M.OT) कोर्सेस की डिग्री स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है. UGC ने 2014 में जारी डिग्री स्पेसिफिकेशन संबंधी नोटिफिकेशन में पांचवां एमेंडमेंट करते हुए तय किया है कि अब M.PT और M.OT की डिग्रियां सामान्य नहीं दी जाएंगी. बल्कि अब स्टूडेंट्स को उनकी पढ़ाई के क्षेत्र के अनुसार स्पेशलाइजेशन (Specialisation) के साथ डिग्री दी जाएगी. तो चलिए जानते हैं किस-किस कोर्स का स्पेशलाइजेशन मिलेगा.

M.OT में मिलेंगे ये स्पेशलाइजेशन

नई व्यवस्था के तहत M.OT कार्यक्रम चलाने वाले विश्वविद्यालयों को अपने कोर्स का पुनर्गठन करना होगा. M.OT के लिए जिन प्रमुख स्पेशलाइजेशन को मान्यता दी गई है, उनमें शामिल हैं:

  • Musculoskeletal Sciences
  • Paediatrics and Neonatology
  • Neurosciences
  • Mental Health
  • Cardiovascular and Pulmonary Sciences
  • Rehabilitation
  • Geriatrics
  • Hand
  • Oncological Sciences

UGC के अनुसार M.OT एक मास्टर लेवल प्रोग्राम रहेगा, जिसकी मिनिमम ड्यूरेशन दो साल होगी. इसमें एडमिशन के लिए रिलेटेड टॉपिक्स में ग्रेजुएशन की डिग्री जरूरी होगी.

M.PT के लिए भी बदले नियम

इसी तरह Master of Physiotherapy (M.PT) प्रोग्रामों को भी स्पेशलाइज्ड कोर्स की तरह ही चलाया जाएगा. नोटिफिकेशन में जिन स्पेशलाइजेशन का जिक्र किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • Musculoskeletal Sciences
  • Neurosciences
  • Cardiovascular and Pulmonary Sciences
  • Sports Sciences
  • Paediatrics and Neonatal Sciences
  • Obstetrics and Gynaecology Sciences
  • Oncology Sciences
  • Community Rehabilitation Sciences

बता दें कि M.PT प्रोग्राम भी मास्टर लेवल का कोर्स रहेगा और इसकी मिनिमम ड्यूरेशन दो साल निश्चित की गई है.

पुराने छात्रों पर नहीं पड़ेगा असर, नए स्टूडेंट पर होगा लागू

साथ ही UGC ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल एकेडेमिक सेशन 2026-27 से लागू होगा. इससे पहले M.PT या M.OT में दाखिला ले चुके छात्रों की डिग्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. ऐसे छात्र पुराने नियमों के तहत ही डिग्री हासिल करेंगे. 

अन्य हेल्थकेयर डिग्रियां भी जोड़ी गईं

नोटिफिकेशन में एलाइड और हेल्थकेयर फिल्ड के कई अन्य डिग्री प्रोग्रामों को भी शामिल किया गया है. इनमें Bachelor of Medical Laboratory Science (B.MLS), Master of Medical Laboratory Science (M.MLS), मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, हेमेटोलॉजी, पैरामेडिक्स, एनेस्थीसिया एंड ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स शामिल हैं.

इसके अलावा हेल्थ इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट से जुड़े B.Sc. HIM और M.Sc. HIM प्रोग्रामों को भी रिवाइज्ड लिस्ट में जगह दी गई है.

बता दें कि यह बदलाव 27 अगस्त 2026 को गजट ऑफ इंडिया में नोटिफाई किया गया है और इसे केंद्र सरकार की मंजूरी भी मिल चुकी है.

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