इंजीनियरिंग की पढ़ाई का सपना देखने वाले युवाओं का सिर्फ एक ही सपना होता है कि उन्हें किस तरह से IIT मद्रास में दाखिला मिल जाए. देशभर के IITs में IIT मद्रास का नाम सबसे पहले आता है. IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रोफेसर वी. कामाकोटी लंबे समय तक इस इंस्टीट्यूट से जुड़े हुए हैं और इसे आगे ले जाने का काम कर रहे हैं. इंडिया टुडे से बातचीत में IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रोफेसर वी. कामाकोटी ने बताया कि उनका आगे का क्या विजन है. उन्होंने कहा, इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंसेज का एक स्कूल शुरू करेगा. खुद की मेडिकल डिग्री देगा. आने वाले समय में ये इंस्टीट्यूट और भी बड़ा बनेगा. अंडरग्रेजुएट MBBS, पोस्टग्रेजुएट MD और PhD की पूरी रेंज होगी.
IIT मद्रास में कौन से कोर्स करवाए जाते हैं?
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास इंजीनियरिंग में कई तरह की डिग्री दी जाती हैं. साइंस, ह्यूमैनिटीज और मैनेजमेंट में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, ऑनलाइन और डॉक्टोरल प्रोग्राम यहां करवाए जाते हैं. यहां कि मुख्य डिग्री में B.Tech, BS, डुअल डिग्री (B.Tech & M.Tech), M.Tech, MBA, M.Sc, M.A, MS by Research और PhD शामिल हैं. यहां दाखिला लेने के लिए जेईई एडवांस पास करना होता है. उसके बाद काउंसलिंग के जरिए ही यहां सीट मिलती है. वहीं आने वाले समय में IIT मद्रास मेडिकल कॉलेज भी शुरू करने की प्लानिंग कर रहा है. हालांकि मेडिकल कॉले शुरू करने से पहले कई तरह की मंजूरी लेने पड़ती हैं.
कैसे शुरू किया जाता है मेडिकल कॉलेज?
भारत में मेडिकल कॉलेज खोलना इतना आसान नहीं है. मेडिकल कॉलेज खुलने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन से मंजूरी लेनी होती है. 'नेशनल मेडिकल कमीशन' (NMC) मेडिकल कॉलेज को रेगुलेट करता है. नेशनल मेडिकल कमीशन ही तय करता है कि कौन मेडिकल कॉलेज चला सकता है और MBBS की डिग्री दे सकता है. अगर कोई IIT मेडिकल कॉलेज खोलना चाहता है तो उसे नेशनल मेडिकल कमीशन से मंजूरी लेनी होगी. IIT खड़गपुर ने इस साल मार्च में ही अपना पहला PG मेडिकल प्रोग्राम शुरू करने के लिए NMC की मंजरी के लिए आवेदन किया है.
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