हरियाणा लोक सेवा आयोग ने सिविल सर्विस एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है. इसमें सोनीपत के अभिषेक सरोहा ने टॉप किया है. वहीं कुलदीप ने दूसरा स्थान हासिल किया है. तीसरे नंबर पर इशा रहीं, जिन्होंने हरियाणा सिविल सेवा की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया. इसमें शामिल होने वाले उम्मीदवारों का स्कोरकार्ड भी जारी कर दिया गया है. टॉप-10 में अपनी जगह बनाने वाले कुरुक्षेत्र के राहुल सैनी की कहानी भी काफी दिलचस्प है, जिन्होंने अपने दादा का सपना पूरा कर दिया है. उनके दादा ने सपना देखा था कि पोता सिविल सर्विस में जाए.
कौन हैं राहुल सैनी?
राहुल सैनी कुरुक्षेत्र जिले के छपरा गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने HCS परीक्षा में पूरे प्रदेश में 7वीं रैंक हासिल की है. साथ ही वो बैकवर्ड क्लास (OBC) कैटेगरी में टॉपर बने हैं. राहुल के पास एग्रीकल्चर में ग्रेजुएशन और रूरल मैनेजमेंट में मास्टर्स की डिग्री है. अपनी कैटेगरी में टॉप करने के बाद राहुल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनके स्वर्गीय दादा हरकेश चौधरी का सपना था कि वे देश की सेवा करने के लिए एक उच्च अधिकारी बनें, उनका ये सपना अब पूरा हो गया है. उनका कहना है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि और कृषि की समझ ने उन्हें हमेशा जमीन से जोड़े रखा.
क्या बोले राहुल सैनी?
राहुल सैनी ने स्टेट सिविल सर्विस एग्जाम क्रैक करने के बाद कहा कि वो एचसीएस अधिकारी के रूप में ईमानदारी और निष्ठा से जनता की सेवा करेंगे और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे. एचसीएस में चयन के बाद राहुल सैनी ने हरियाणा सरकार का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ये सफलता पूरी तरह से "बिना खर्ची-बिना पर्ची" की पारदर्शी भर्ती प्रणाली का नतीजा है. राहुल सैनी ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे निराश न हों, लगातार मेहनत करें, आज का सिस्टम मेहनती युवाओं के साथ है.
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पिता भी रह चुके हैं अधिकारी
राहुल सैनी के पिता सतीश कुमार हरियाणा सरकार में सीनियर लेखा अधिकारी के पद से रिटायर हुए हैं. उनकी माता उषा रानी एक कुशल गृहिणी हैं, जिन्होंने हमेशा बेटे को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया. राहुल की पत्नी किरणदीप कौर भी हाउस वाइफ हैं और उन्होंने हर कदम पर राहुल का साथ दिया. उन्होंने बताया कि परिवार के सहयोग के बिना यह मुकाम हासिल करना असंभव था.

नौकरी के साथ 5 साल तक रोज 5 घंटे पढ़ाई
राहुल की सफलता की सबसे बड़ी खासियत उनकी निरंतरता है. राहुल ने साल 2021 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में नौकरी ज्वाइन की थी. पिछले पांच सालों से वे बैंक में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ-साथ रोजाना 5 घंटे यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे. वो पिछले पांच साल से यूपीएससी की तैयारी में जुटे थे और अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी के इंटरव्यू तक पहुंचे थे. हालांकि अंतिम चयन में थोड़ी कमी रह गई थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और इसी बीच हरियाणा सिविल सर्विस की परीक्षा दी, जिसमें उन्होंने प्रदेश में 7वां स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.
अप्रैल में हुई थी परीक्षा
हरियाणा लोक सेवा आयोग की ये परीक्षा 26 अप्रैल से शुरू हुई थी. इस दिन प्रीलिम्स एग्जाम हुआ था. इसके बाद 4 मई को इसका रिजल्ट आया और फिर 27 से 29 जून के बीच मेन्स परीक्षा हुई. इसका रिजल्ट 17 सितंबर को जारी हुआ था. HCS के कुल 102 पदों के लिए करीब 93,000 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. इनमें से करीब 52,000 अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए. प्रीलिम्स के बाद 1,200 से ज्यादा उम्मीदवारों को मेन्स के लिए चुना गया और मेन्स क्लियर करने के बाद 313 उम्मीदवारों को इंटरव्यू और पर्सनालिटी टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था.
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