कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती है. मेहनत,धैर्य और परिवार का सपोर्ट हो तो कोई भी परीक्षा पास की जा सकती है. इसका उदाहरण ने गोहाना के सेक्टर-7 निवासी अभिषेक सरोहा है. इन सभी चीजों ने अभिषेक को बड़ी सफलता दिलाई है. हरियाणा सिविल सर्विस (एचसीएस) परीक्षा में अभिषेक ने तीसरे प्रयास में प्रदेश में टॉप किया है. खास बात यह है कि पहले प्रयास में असफल होने के बाद उन्होंने कोचिंग छोड़ दी थी और घर पर रहकर ही तैयारी जारी रखी. लगातार दो प्रयासों में मुख्य परीक्षा पास करने के बावजूद अभिषेक को इंटरव्यू में अपेक्षित अंक नहीं मिलने से अंतिम चयन नहीं हो पाया था. उसके बावजूद परिवार के हौसले और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने तीसरे प्रयास में बाजी मार ली.
अभिषेक के पिता जगबीर सिंह ने बताया कि अभिषेक ने दोनों शुरुआती प्रयासों में मुख्य परीक्षा सफलतापूर्वक पास की थी. इसके बाद इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन कम अंक मिलने के कारण अंतिम सूची में जगह नहीं बना सके. लगातार दो बार सफलता हाथ से निकलने के बाद उनका मनोबल भी प्रभावित हुआ.
पहले प्रयास के बाद छोड़ दी कोचिंग
पहले प्रयास में सफल नहीं होने के बाद अभिषेक ने कोचिंग छोड़ दी. दूसरे प्रयास में भी परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा तो परिवार ने उन्हें निराश न होने की सलाह दी और तीसरी बार पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में बैठने के लिए प्रेरित किया. अभिषेक ने कोचिंग छोड़ने के बाद घर पर रहकर नियमित पढ़ाई की. उन्होंने अपनी तैयारी में निरंतरता बनाए रखी और जिन चीजों में वो वीक थे उन पर विशेष ध्यान दिया. तीसरे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर लिया. पिता के अनुसार इस बार इंटरव्यू में अभिषेक को 42 अंक मिले. मुख्य परीक्षा में उनके शानदार प्रदर्शन के चलते कुल परिणाम उनके पक्ष में रहा और उन्होंने प्रदेश में टॉप किया.
कहां से की पढ़ाई
अभिषेक ने 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई पानीपत में की. इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चले गए. वहीं रहते हुए उन्होंने एचसीएस परीक्षा की तैयारी शुरू की. परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने लगातार अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा.अभिषेक के पिता जगबीर सरोहा शहर के निजी स्कूल आरके हिंदू में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं. उनके बड़े भाई विनय सरोहा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. अभिषेक की सफलता की खबर मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल है. परिजनों और परिचितों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.
(इनपुट - रमेश कुमार)
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