हिमाचल प्रदेश में 177 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनकी खुद की अपनी इमारत नहीं है. राज्य के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कुल 177 सरकारी स्कूलों के छात्रों की कक्षाएं दूसरी जगहों पर चल रही हैं. इसके अलावा उन्होंने पिछले तीन सालों में राज्य में बंद हुए स्कूलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 1,526 स्कूल बंद किए गए हैं. गुरुवार को मानसून सत्र के आखिरी दिन बीजेपी विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने ये जानकारी दी.
28 स्कूल भवनों का चल रहा निर्माण कार्य
मंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों की अपनी इमारतें नहीं हैं, उनकी कक्षाएं दूसरे सरकारी स्कूलों की इमारतों, निजी जगहों, रेस्ट हाउस, कम्युनिटी सेंटर, महिला मंडल हॉल और पंचायत भवनों में चल रही हैं. इनमें से बारह स्कूलों को हाल के वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं के कारण असुरक्षित घोषित किया गया है. सरकार ने कहा कि 28 स्कूल भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है. 14 अन्य के निर्माण के लिए फंड पहले ही जारी किया जा चुका है. वहीं बाकी स्कूलों के निर्माण का जमीन न मिलने या जमीन अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों के कारण रुका हुआ है.
मंत्री के अनुसार 1,526 स्कूलों में से 1,473 स्कूलों की इमारतें शिक्षा विभाग की हैं. जिनमें से 577 को जरूरत और उपलब्धता के आधार पर इस्तेमाल के लिए दूसरे विभागों को सौंप दिया गया है. इन जगहों का इस्तेमाल अब पंचायती राज विभाग, महिला मंडलों, युवक मंडलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, पशुपालन विभाग और मंदिर समितियों द्वारा विभिन्न सरकारी और सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है. बंद हुई इमारतों में से 53 पहले निजी या किराए की इमारतों में चल रही थीं.
रेस्ट हाउस में चल रहा है स्कूल
चंबा जिले के कुनरा में स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल भी उन स्कूलों में से एक है जिसकी अपनी इमारत नहीं है. आपदा के बाद इसकी इमारत को असुरक्षित घोषित की गई है. फिलहाल, यह स्कूल रेस्ट हाउस के चार कमरों में चल रहा है, जिसमें 99 छात्र पढ़ते हैं.
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