Social Responsibility : पिछले कुछ महिनों में जेन-जी को लेकर कई तरह की धारणाएं बनी हैं. कभी कहा जाता है कि यह पीढ़ी किताबों से दूर हो रही है, तो कभी इसकी तेज समझ और तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता की तारीफ की जाती है. देश, समाज और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर जेन-जी के नजरिए पर भी खूब चर्चा में होती है. लेकिन आज बात ऐसी छात्राओं की है, जिन्होंने बहस और धारणाओं से आगे बढ़कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को एक छोटे लेकिन संवेदनशील कदम के जरिए निभाया. गढ़वाल विश्वविद्यालय की छात्रा सौम्या जोशी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को एक संवेदनशील कदम के जरिए दिखाया है.
BSC लाइफ साइंस थर्ड इयर की छात्रा सौम्या ने कैंसर मरीजों के लिए अपने लंबे बाल दान कर दिए. अपनी सीनियर प्रियंका से प्रेरित होकर उन्होंने यह फैसला लिया. आपको बता दें कि कीमोथेरेपी के दौरान मरीजों के बाल झड़ जाते हैं, जिससे कई मरीजों का आत्मविश्वास प्रभावित होता है. ऐसे में हेयर डोनेशन से बनी विग उन्हें भावनात्मक सहारा देती है.
पांच साल पहले आया था विचार
सौम्या के मन में बाल दान करने का विचार करीब पांच साल पहले आया था. उन्होंने अपनी बुआ डॉ. संगीता जोशी को छोटे बालों में देखा था. उन्हें देखकर सौम्या को भी लगा कि वह ऐसा कदम उठा सकती हैं. हालांकि उस समय वह खुद यह फैसला लेने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थीं.

प्रियंका ने दिया हौसला
विश्वविद्यालय आने के बाद सौम्या की मुलाकात उनकी सीनियर प्रियंका खत्री से हुई. प्रियंका ने भी कैंसर मरीजों के लिए अपने बाल दान किए थे. उन्हें देखकर सौम्या को वह आत्मविश्वास मिला, जिसकी उन्हें लंबे समय से जरूरत थी. सौम्या ने बताया कि प्रियंका ने पूरी प्रक्रिया में उनका साथ दिया और उनका हौसला बढ़ाया.
लंबे बाल काटने से पहले थी झिझक
सौम्या ने माना कि बाल कटवाने से पहले उन्हें थोड़ी झिझक थी. लेकिन मां और प्रियंका के समर्थन ने उनका डर कम किया. बाल कटने के बाद दोस्तों की प्रतिक्रिया भी बेहद सकारात्मक रही.कई लोग उनके फैसले से प्रभावित हुए.

GEN Z की छोटी पहल, किसी के लिए बड़ी खुशी
सौम्या का मानना है कि आज की GEN Z सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर अधिक जागरूक हो रही है. उनके मुताबिक समाज के लिए योगदान देने के लिए हमेशा कोई बड़ा कदम उठाना जरूरी नहीं है. किसी को दान देना, स्वयंसेवा करना, जागरूकता फैलाना या जरूरतमंद की मदद करना भी बदलाव की शुरुआत हो सकती है.
जीवन विज्ञान से पढ़ाई, माइक्रोबायोलॉजी में रुचि
सौम्या BSC लाइफ साइंस के थर्ड इयर में पढ़ रही हैं. उन्हें जीवों और जैविक प्रक्रियाओं को समझने में रुचि है. आगे चलकर वह माइक्रोबायोलॉजी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा और शोध करना चाहती हैं. साथ ही वह ऐसे अवसरों की तलाश में हैं, जहां वह समाज के लिए भी योगदान दे सकें.

प्रियंका के चेहरे पर थी संतोष की मुस्कान
सौम्या की सीनियर प्रियंका खत्री ने भी कुछ महीने पहले कैंसर मरीजों के लिए अपने बाल दान किए थे. सोशल वर्क में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर चुकीं प्रियंका के लिए यह फैसला सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा था. जब उनके बाल काटे जा रहे थे, तब उनके चेहरे पर संतोष था.
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को फ्री विग
हैदराबाद के एक NGO, ‘हैदराबाद हेयर डोनेशन्स फॉर कैंसर पेशेंट्स' के संचालक ए. शिवकुमार ने बताया कि संस्था आर्थिक रूप से कमजोर कैंसर मरीजों को मुफ्त में विग उपलब्ध कराती है. उनका कहना है कि पिछले कुछ सालों में युवाओं, खासकर GEN Z, के बीच हेयर डोनेशन को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ी है और बड़ी संख्या में युवा इस अभियान से जुड़ रहे हैं. उन्होंने इसे सकारात्मक सामाजिक बदलाव बताया. शिवकुमार के अनुसार, उत्तराखंड के गढ़वाल जैसे दूरदराज के इलाकों से भी युवा आगे आकर इस पहल का हिस्सा बन रहे हैं, जो न केवल समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता है, बल्कि एक अधिक संवेदनशील और सहयोगी समाज के निर्माण की उम्मीद भी जगाता है.
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