करवाचौथ के मौके पर महिलाओं को ज्यादातर सरकारी विभागों में छुट्टी दी जाती है, लेकिन अगर महिला पुलिस में हो तो उसे छुट्टी लेने के लिए अपने सीनियर अधिकारियों को कई बार कहना पड़ता है. इसके बाद भी कई बार छुट्टी नहीं मिल पाती है. इसी बीच यूपी के फतेहपुर में कुछ ऐसा हुआ, जिसने महिला पुलिसकर्मियों की खुशी को दोगुना कर दिया. दरअसल यहां के एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने एक आदेश जारी करते हुए सभी महिला कर्मचारियों को करवाचौथ की छुट्टी देने का ऐलान कर दिया. अभिमन्यु मांगलिक अपने काम के लिए चर्चा में रहते हैं और महज 8 साल के आईपीएस करियर में उन्होंने कई बड़े अपराधियों का एनकाउंटर भी किया है.
करवाचौथ पर क्यों निकाला आदेश?
फतेहपुर के एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि "यूपी पुलिस और फतेहपुर पुलिस में बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी हैं जो काम कर रही हैं, करवा चौथ के दिन उनको ड्यूटी करने में समस्या आ सकती है या उनको छुट्टी भी लेनी होती है तो छुट्टी के लिए उनको प्रभारी से, CO से, या अनेक उच्च अधिकारी के सामने जाकर अपनी एप्लीकेशन रखनी पड़ती है. उनको परेशानी का सामना ना करना पड़े उसकी वजह से एक आदेश निकाल दिया गया है. शादीशुदा महिला पुलिसकर्मियों के लिए छुट्टी की घोषणा कर दी गई है. इसके लिए उनको अलग से आवेदन नहीं करना पड़ेगा."
कौन हैं IPS अभिमन्यु मांगलिक?
अभिमन्यु मांगलिक 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. मूल रूप से यूपी के बुलंदशहर से आथे हैं. उन्होंने बुलंदशहर के निर्मल कान्वेंट स्कूल से अपनी 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की और फिर दिल्ली चले गए. यहां उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की. इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और 2013 में ICAT दिल्ली से CA की पढ़ाई पूरी की. उनके पिता चाहते थे कि वो एक सीए बनें.
16 लाख का पैकेज छोड़ा
अभिमन्यु मांगलिक ने सीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश शुरू की और उन्हें कई कंपनियों ने अच्छे ऑफर भी दिए. 2013 में ही उन्हें 16 लाख रुपये का पैकेज दिया गया और उनकी नौकरी शुरू हो गई. हालांकि दिल्ली में नौकरी के दौरान उनकी दिलचस्पी सिविल सर्विस में बढ़ने लगी और तैयारी शुरू कर दी. नौकरी के साथ ही उन्होंने तैयारी की और जब लगा कि ऐसे काम नहीं हो पाएगा तो 2016 में नौकरी छोड़ दी. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी परीक्षा दी और आईपीएस बन गए.
कमाल का रहा है करियर
आईपीएस अभिमन्यु का करियर भी शानदार रहा है. अब तक उन्हें नौकरी करते हुए सिर्फ 8 साल हुए हैं, इस छोटे से करियर में उन्होंने 40 से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं और कई अपराधियों को उनकी असली जगह पहुंचाया है. इसके अलावा उन्हें उनकी कमाल की सोच के लिए भी जाना जाता है. भ्रष्ट पुलिसकर्मी भी उनसे खौफ खाते हैं. फतेहपुर के एसपी बनने से पहले वो भदोही के एसपी रह चुके हैं. इसके अलावा सहारनपुर के एसपी सिटी भी रहे. साथ ही उन्हें राज्यपाल का एडीसी भी बनाया गया था.ॉ
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