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ब‍िहार में फर्जी IPS ने मारी रेड: असली पुल‍िस को क‍िया गुमराह, पुलिसकर्मी को ही गाड़ी में बैठाए रखा

बिहार के औरंगाबाद में खुद को प्रशिक्षु IPS बताकर पुलिस को गुमराह करने और साथ ले जाकर छापेमारी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने फर्जी IPS के चालक और सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी विकास कुमार फरार है. पुलिस की छापेमारी जारी है.

ब‍िहार में फर्जी IPS ने मारी रेड: असली पुल‍िस को क‍िया गुमराह, पुलिसकर्मी को ही गाड़ी में बैठाए रखा
बिहार के औरंगाबाद में खुद को प्रशिक्षु IPS बताने वाले का खुलासा हुआ है

बिहार के औरंगाबाद में खुद को प्रशिक्षु IPS अधिकारी बताकर पुलिस को झांसे में लेने और पुलिसकर्मियों को साथ लेकर कथित छापेमारी व वाहनों की जांच कराने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है.

पुलिस के अनुसार, फर्जी IPS ने पहले नगर थाना के सरकारी मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर खुद को पलामू का प्रशिक्षु IPS बताया. व्हाट्सएप की डीपी में पुलिस की वर्दी वाली तस्वीर लगी होने के कारण पुलिसकर्मियों ने उसकी बात पर भरोसा कर लिया. इसके बाद उसने रमेश चौक के पास गबन के गंभीर मामले में छापेमारी की बात कहते हुए गश्ती अधिकारी का मोबाइल नंबर मांगा. 

इस मामले में पुलिस ने फर्जी IPS के चालक पिंटू कुमार और सहयोगी कुंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं खुद को IPS बताने वाला मुख्य आरोपी विकास कुमार फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की स्कॉर्पियो, मोबाइल फोन, फर्जी आई-कार्ड और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं.

रात 11:44 बजे आया व्हाट्सएप कॉल, खुद को बताया प्रशिक्षु IPS

पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर की रात करीब 11:44 बजे नगर थाना के सरकारी मोबाइल पर व्हाट्सएप से कॉल आया. फोन करने वाले ने खुद को पलामू का प्रशिक्षु IPS अधिकारी बताया और कहा कि रमेश चौक के समीप गबन से जुड़ा एक गंभीर मामला है, जिस पर छापेमारी करनी है.

कॉल करने वाले के व्हाट्सएप प्रोफाइल पर पुलिस की वर्दी में तस्वीर लगी थी, जिससे पुलिसकर्मियों को तत्काल संदेह नहीं हुआ. इसके बाद नगर थाना से गश्ती पदाधिकारी का मोबाइल नंबर उपलब्ध करा दिया गया.

कुछ देर बाद कथित प्रशिक्षु IPS ने पुलिस को सूचना दी कि सफेद रंग की स्कॉर्पियो से तीन लोग जसोइया मोड़ स्थित सीमेंट फैक्ट्री के पास पहुंचे हैं. उन्होंने वहां खीरा लदे एक पिकअप के चालक को पकड़कर अपनी गाड़ी में बैठा लिया है. इसी दौरान टेंपो से आ रहे दो युवकों हरिहरगंज निवासी सुनील कुमार रवि और आलोक कुमार को भी कथित फ्रॉड के आरोप में स्कॉर्पियो में बैठा लिया गया. हवलदार शिव कुमार सिंह को भी अपने साथ वाहन में बैठा लिया गया.

हवलदार का मोबाइल भी लिया, संदेह होने पर पुलिस ने शुरू किया पीछा

मामले में पुलिस को तब संदेह हुआ, जब नगर थाना की ओर से कथित प्रशिक्षु IPS के मोबाइल पर संपर्क किया गया और फोन रिसीव नहीं हुआ. इसके बाद जब हवलदार शिव कुमार सिंह के मोबाइल पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि खुद को प्रशिक्षु IPS बताने वाले व्यक्ति ने उनका मोबाइल भी कब्जे में ले लिया है और किसी से बात करने से मना कर रहा है.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना से सशस्त्र बल भेजा गया. जांच के दौरान जानकारी मिली कि स्कॉर्पियो मदनपुर की ओर चली गई है. बाद में लारा हीरो मोटरसाइकिल शोरूम के पास हवलदार और दोनों युवकों को खड़ा पाया गया. युवकों ने बताया कि जांच में कुछ न मिलने पर उन्हें बीच रास्ते में उतार दिया गया और स्कॉर्पियो डाल्टेनगंज की ओर निकल गई.

खीरा लदे पिकअप को चोरी का माल बताकर पैसे मांगने का आरोप

पकड़े गए पिकअप चालक लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि स्कॉर्पियो में बैठे व्यक्ति ने खुद को SP बताया और पिकअप में चोरी का माल लदा होने की बात कहकर पैसों की मांग की. चालक ने बताया कि पिकअप पर खीरा लदा था और माल बिका नहीं था, इसलिए उसके पास पैसे नहीं थे. बाद में उसे भी रास्ते में उतार दिया गया. माल खराब होने के डर से पुलिस ने जांच के बाद पिकअप को चालक के हवाले कर दिया.

पूछताछ में खुला राज, फर्जी IPS का असली नाम विकास कुमार

युवकों से पुलिस को स्कॉर्पियो का नंबर मिला. इसके बाद अंबा थाना पुलिस को सूचित किया गया और अंबा चेकपोस्ट पर स्कॉर्पियो को रोक लिया गया. उस समय गाड़ी में केवल चालक पिंटू कुमार ही मौजूद था.

पिंटू ने पूछताछ में बताया कि डाल्टेनगंज के कुंदन कुमार ने उसे एक फर्जी SP को औरंगाबाद ले जाने के लिए कहा था और इसके एवज में अच्छी कमाई का लालच दिया था. खुद को IPS बताने वाले व्यक्ति का असली नाम विकास कुमार है, जो गया जिले के टेकारी थाना क्षेत्र के अर्कढिबरिया गांव का रहने वाला है. उसके साथ बॉडीगार्ड के रूप में संजय यादव (निवासी पड़रिया, थाना सिमरा, औरंगाबाद) भी मौजूद था. 

होटल से मिला CCTV और फर्जी दस्तावेज, पांच लोगों पर प्राथमिकी

पुलिस ने डाल्टेनगंज के एक होटल से विकास का CCTV फुटेज और उसके द्वारा जमा कराए गए ID दस्तावेज हासिल कर लिए हैं. जांच में पता चला है कि वह पूर्व में भी फर्जीवाड़े के मामले में जहानाबाद जेल जा चुका है.

नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि दारोगा प्रशांत कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसमें पलामू के डाल्टेनगंज निवासी पिंटू कुमार, गया के टेकारी निवासी विकास कुमार, औरंगाबाद के सिमरा निवासी संजय यादव, पलामू के रामगढ़ निवासी कुंदन कुमार और पटना के जकरियापुर निवासी संजय कुमार मिश्रा को आरोपी बनाया गया है. 

-आद‍ित्‍य कुमार की र‍िपोर्ट

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