दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के लिए मतदान हो रहा है. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत चार प्रमुख पदों के लिए छात्र अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके साथ ही DU के कई कॉलेजों में कॉलेज छात्र संघ के चुनाव भी आज ही हो रहे हैं. करीब 2 लाख छात्र इस चुनाव में मतदाता हैं और अब सभी की नजरें कल आने वाले नतीजों पर टिकी हैं. मतदान दो शिफ्ट में कराया जा रहा है. पहली शिफ्ट में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक, जबकि दूसरी शिफ्ट में दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक वोट डाले जाएंगे. मतदान शुरू होते ही साउथ कैंपस से लेकर नार्थ कैंपस तक कई जगह छात्रों की आवाजाही बढ़ गई. खासतौर पर लॉ फैकल्टी के आसपास सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिल रही है.
लॉ फैकल्टी पर क्यों टिकी हैं सभी की नजरें?
लॉ फैकल्टी से जुड़े तीन कॉलेजों में बड़ी संख्या में छात्र मतदाता हैं. यही वजह है कि छात्र संगठनों की नजर यहां के मतदान पर बनी हुई है. सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र वोट डालने पहुंच रहे हैं और यहां की हलचल पूरे कैंपस के चुनावी माहौल को भी दिखा रही है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चुनाव को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. SSB के जवान भी कैंपस के आसपास मोर्चा संभाले हुए हैं. मतदान केंद्रों के आसपास सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके.

मतदान के बीच प्रचार सामग्री को लेकर विवाद
इसी बीच सुबह लॉ फैकल्टी के आसपास प्रचार सामग्री को लेकर एक विवाद भी सामने आया. ABVP ने आरोप लगाया कि NSUI से जुड़े कुछ समर्थकों के बैग से कॉलेज के आसपास प्रचार की पर्चियां और पैम्फलेट मिले. ABVP ने इसका विरोध किया, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया. मतदान के दौरान सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच स्थिति नियंत्रण में रही.
पिछली बार किसके खाते में गई थीं सीटें?
इस चुनाव को समझने के लिए पिछले चुनाव के नतीजे भी महत्वपूर्ण हैं. पिछली बार अध्यक्ष पद पर ABVP ने जीत दर्ज की थी, जबकि उपाध्यक्ष का पद NSUI के खाते में गया था. वहीं सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर भी ABVP उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी. AISA और SFI गठबंधन के सचिव पद के उम्मीदवार को करीब 10 हजार वोट मिले थे.

सबसे बड़ा सवाल- कितने छात्र करेंगे मतदान?
पिछले कुछ सालों से DUSU चुनाव में मतदान प्रतिशत एक अहम मुद्दा रहा है. पिछले चुनाव में करीब 39.45 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि 2024 में यह आंकड़ा करीब 35.2 फीसदी रहा था. यानी करीब 40 फीसदी मतदान तक पहुंचना भी कई बार चुनौती रहा है. इस बार सुबह से छात्रों की आवाजाही जरूर देखने को मिल रही है, लेकिन अंतिम मतदान प्रतिशत शाम 7 बजे के बाद ही साफ होगा.
हॉस्टल, पानी, लाइब्रेरी और प्लेसमेंट बने मुद्दे
मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे छात्रों से बातचीत में चुनावी नारों से अलग उनकी अपनी समस्याएं भी सामने आ रही हैं. सत्य निकेतन हादसा, हॉस्टल, लाइब्रेरी, पीने का पानी और कैंपस प्लेसमेंट जैसे मुद्दे छात्रों की बातचीत के केंद्र में हैं. सत्यवती कॉलेज की एक छात्रा ने बताया कि सत्य निकेतन की घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया, लेकिन कैंपस से जुड़े दूसरे मुद्दे भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. उनका कहना था कि वह यह देखकर वोट कर रही हैं कि कौन इन मुद्दों को मजबूती से उठाएगा. वहीं साउथ कैंपस के छात्रों के बीच सत्य निकेतन हादसे के बाद हॉस्टल और सुरक्षित छात्र आवास का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया.

Gen Z के बीच पहला बड़ा छात्र चुनाव
इस बार का चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि कुछ महीने पहले दिल्ली में हुए Gen Z आंदोलन के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है, जिसमें बड़ी संख्या में Gen Z मतदाता हिस्सा ले रहे हैं. ऐसे में छात्रों के नए मुद्दे और उनकी प्राथमिकताएं भी इस चुनाव में चर्चा का विषय बनी हुई हैं.
आखिरी वक्त तक PG और हॉस्टलों में संपर्क
मतदान से पहले छात्र संगठनों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी. देर रात तक और आज सुबह तक कार्यकर्ता PG और हॉस्टलों में जाकर छात्रों से संपर्क करते रहे और अपने उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश करते रहे. अब मतदान पूरा होने के बाद प्रचार का दौर थम जाएगा और सबकी नजरें कल आने वाले नतीजों पर रहेंगी.
अध्यक्ष समेत चारों पदों पर मुकाबला कड़ा है. अब किस संगठन को छात्रों का समर्थन मिला और इस बार DUSU की तस्वीर क्या रही, इसका जवाब कल चुनाव परिणाम आने के बाद ही साफ होगा.
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