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DU का मेगा प्लान: ₹5,889 करोड़ में बनेंगे नए हॉस्टल, 21 हजार से ज्यादा छात्रों को मिलेगा रहने का ठिकाना

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने हॉस्टल की कमी दूर करने के लिए 5,889 करोड़ रुपये की बड़ी योजना को मंजूरी दी है. इस परियोजना के तहत कुल 21,895 छात्रों के लिए अतिरिक्त आवास की व्यवस्था की जाएगी.

DU का मेगा प्लान: ₹5,889 करोड़ में बनेंगे नए हॉस्टल, 21 हजार से ज्यादा छात्रों को मिलेगा रहने का ठिकाना
DU के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि यह योजना केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि अगले 100 वर्षों की संभावित मांग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने छात्रों के लिए आवास सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल (Executive Council) की 1284वीं बैठक में 5,889 करोड़ रुपये के मेगा प्लान को मंजूरी दी गई है. इस योजना के जरिए कुल 21,895 छात्रों के लिए नई हॉस्टल सुविधाएं मिलेंगी. तो चलिए जानते हैं नए हॉस्टल में छात्रों को क्या-क्या सुविधा मिलेगी और कहां बनेंगे हॉस्टल.

15,758 छात्रों के लिए बनेंगे नए हॉस्टल

एग्जीक्यूटिव काउंसिल द्वारा मंजूर प्रस्ताव के अनुसार, लगभग 4,027 करोड़ रुपये की लागत से नए हॉस्टल बनाए जाएंगे. इन हॉस्टलों में 15,758 छात्रों के रहने की व्यवस्था होगी. 

दो पुराने हॉस्टलों का होगा पुनर्निर्माण

विश्वविद्यालय ने जुबली हॉल और पीजी मेंस हॉस्टल के रिकंस्ट्रक्शन को भी मंजूरी दी गई है. जिसपर अनुमानित 1,862 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इन दोनों हॉस्टल के पुनर्निर्माण के बाद 6,137 छात्रों को रहने की सुविधा मिल सकेगी. डीयू के कुलपति ने यह भी स्पष्ट किया कि पुनर्निर्माण के बाद इन हॉस्टलों के नाम नहीं बदले जाएंगे.

कहां बनेंगे नए हॉस्टल?

फिलहाल ढाका कॉम्प्लेक्स, सूरजमल विहार कैंपस और नजफगढ़ कैंपस में बहुमंजिला हॉस्टल ब्लॉक बनाने का फैसला किया गया है. इसके अलावा रोशनपुरा (नजफगढ़) स्थित वीर सावरकर कॉलेज, द्वारका स्थित वेस्ट कैंपस और कड़कड़डूमा के सूरजमल विहार स्थित ईस्ट कैंपस में भी लड़कों और लड़कियों के लिए नए हॉस्टल बनाए जाएंगे.

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे हॉस्टल

यूनिवर्सिटी के अनुसार, जमीन की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए हॉस्टलों का निर्माण अधिकतम अनुमत FAR का उपयोग करके किया जाएगा. इन हॉस्टल परिसरों में डाइनिंग हॉल, दुकानें, कॉमन रूम, रीडिंग रूम और वार्डन आवास जैसी सुविधाएं भी होंगी.

साथ ही विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों से अपने परिसरों में नए हॉस्टल निर्माण के प्रस्ताव तैयार कर फंडिंग एजेंसियों को भेजने का आग्रह किया है.

बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने की. उन्होंने कहा कि नए हॉस्टलों के डिजाइन 21वीं सदी की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. उनका कहना है कि जिस समय विश्वविद्यालय के पुराने हॉस्टल बनाए गए थे, उस समय की जरूरतें अलग थीं. इसलिए नए प्लान अगले 100 सालों की जरूरतों को देखते हुए बनाई गई है.

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