विज्ञापन

संसदीय समिति के सामने सिद्धांत ने OSM की खोली पोल, ब्लैकलिस्टेड कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप

CBSE OSM विवाद पर संसदीय समिति के सामने छात्र सार्थक सिद्धांत का बड़ा खुलासा, कोएम्प्ट एडुटेक को फायदा पहुंचाने के लिए चयन प्रक्रिया में हेरफेर का लगाया आरोप.

संसदीय समिति के सामने सिद्धांत ने OSM की खोली पोल, ब्लैकलिस्टेड कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप
सांसदों का साफ कहना था कि जहां भी लापरवाही या चूक हुई है, वहां अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब संसद तक पहुंच गया है. इस व्यवस्था से प्रभावित छात्रों में से एक, सार्थक सिद्धांत आज संसदीय समिति के सामने पेश हुए. इस दौरान उन्होंने ओएसएम सिस्टम का जिम्मा उठाने वाली कंपनी को लेकर प्रजेंटेशन दिया. इस दौरान उन्होंने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. सार्थक का आरोप है कि CBSE ने 'कोएम्प्ट एडुटेक' (Coempt Edutech) नामक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए अपनी ही चयन प्रक्रिया और नियमों में हेरफेर किया गया. उसने इस सिस्टम को लागू करने और छात्रों पर इसके असर को लेकर भी चिंताएं जताईं.

सार्थक के अनुसार, CBSE ने अपनी चयन प्रक्रिया के कुछ पहलुओं में इस तरह बदलाव किए, जिससे उस कंपनी को फायदा हुआ जिसे आखिरकार OSM सिस्टम लागू करने के लिए चुना गया.

बच्चों की भविष्य का जिम्मेदार कौन?

सूत्रों के मुताबिक, संसदीय स्थाई समिति की बैठक में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा भी हुआ. इस दौरान समिति के कुछ सदस्यों ने CBSE अधिकारियों से पूछा कि 12वीं की परीक्षा में ऑन-स्क्रीन मार्किंग की गड़बड़ियों के कारण छात्रों को जो मानसिक और शैक्षणिक परेशानी झेलनी पड़ी, उसकी जिम्मेदारी किसकी है? सांसदों का साफ कहना था कि जहां भी लापरवाही या चूक हुई है, वहां अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली इस संसदीय समिति ने मंगलवार को बैठक की, जिसमें 12वीं की परीक्षाओं में OSM सिस्टम के इस्तेमाल से छात्रों को हुई परेशानियों पर चर्चा की गई. बैठक के बाद समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि समिति छात्रों की समस्याओं को लेकर बेहद चिंतित है और उनके हित में जो भी जरूरी कदम होंगे, उठाएगी.

छात्र सार्थक की प्रेजेंटेशन पर उन्होंने कहा, "उसने अपने तथ्य रख दिए हैं, अब समिति को तय करना है कि CBSE के जवाबों पर क्या फैसला लिया जाए."

 निसर्ग अधिकारी नहीं हुए पेश

बता दें कि निसर्ग अधिकारी को भी समीति ने बुलाया थास लेकिन वो पेश नहीं हुए. निसर्ग वही छात्र हैं जिन्होंने सबसे पहले CBSE के OSM पोर्टल की तकनीकी खामियों और कमियों को उजागर किया था.

यह भी पढ़ें- हैकिंग नहीं, सुरक्षा में बड़ी लापरवाही का शिकार हुई CBSE की वेबसाइट; साइबर एक्सपर्ट ने बताया पूरा सच

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com