बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने चंद्रपुर के एक छात्र का NEET-UG रिजल्ट जारी करने का निर्देश नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को दिया है. दरअसल NEET-UG पेपर लीक मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को छात्र की तरफ से कोई गड़बड़ी नहीं मिली. छात्र, अथर्व डोनडकर ने 3 मई को NEET-UG परीक्षा दी थी. वहीं 15 मई को उसके घर पर CBI पहुंच गई थी. NEET पेपर लीक मामले की जांच के दौरान, CBI ने अथर्व के घर से स्टडी मटीरियल और एक अलग रोल नंबर वाला क्वेश्चन पेपर जब्त किया था.
रोका गया रिजल्ट
जांच के आधार पर, NTA ने 15 जुलाई को छात्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. अथर्व ने 17 जुलाई को नोटिस का जवाब देते हुए कहा था कि जब्त की गई सामग्री उसके कोचिंग इंस्टीट्यूट की और से दिए गए मॉक प्रैक्टिस पेपर थे, न कि परीक्षा के लीक हुए पेपर. इस बीच 21 जून को दोबारा परीक्षा हुआ थी. जिसमें अथर्व ने हिस्सा लिया था. हालांकि उसका रिजल्ट रोक दिया गया था.
CBI को नहीं मिला कोई सबूत
वहीं रिजल्ट रोके जाने की वजह से अथर्व राज्य के पहले सेंट्रलाइज़्ड एडमिशन राउंड में शामिल नहीं हो पाया. जिसके बाद उसने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. ये सुनवाई जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस रजनीश व्यास की डिवीजन बेंच ने की. सुनवाई के दौरान बेंच ने NTA को उसका नतीजा घोषित करने का निर्देश दिया है. दरअसल CBI ये साबित नहीं कर पाई है कि अथर्व पेपर लीक मामले में शामिल था. उसके खिलाफ CBI को कोई सबूत नहीं मिला है.
गौरतलब है कि इस साल 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के कारण रद्द कर दिया गया था. इस मामले की जांच CBI कर रही है
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