CA Exam Levels Explained: हाल ही में सीए इंटरमीडिएट परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ है, जिसमें हमेशा की तरह इस बार भी छात्रों को कड़े कॉम्पटिशन का सामना करना पड़ा. चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) को देश की सबसे टॉप क्लास और कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सीए बनने का पूरा सफर तीन अलग-अलग लेवल से होकर क्यों गुजरता है और किस लेवल को पास करने के बाद क्या मिलता है. अगर आप या आपके घर का कोई बच्चा कॉमर्स फील्ड में करियर बनाना चाहता है, तो यह आर्टिकल आपके काफी काम की है. आइए बेहद आसान तरीके से जानते हैं सीए परीक्षा के इन तीन लेवल के बारें में, उनका पैटर्न और इसके बाद मिलने वाली सैलरी डिटेल्स.
तीन अलग-अलग लेवल में क्यों होती है CA की परीक्षा
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) इस परीक्षा को आयोजित करता है. सीए का काम किसी कंपनी के पैसों का पूरा हिसाब-किताब रखना, टैक्स देखना और ऑडिट करना होता है. इतनी बड़ी जिम्मेदारी के लिए छात्रों को धीरे-धीरे तैयार किया जाता है, ताकि वे बेसिक से एडवांस लेवल तक स्टेप-बाय-स्टेप पहुंच सकें. इसलिए इस कोर्स को 3 लेवल में बांटा गया है.
CA एग्जाम के 3 लेवल कौन-से हैं
सीए फाउंडेशन लेवल (CA Foundation)यह सीए कोर्स का पहला कदम या एंट्री गेट है. 12वीं पास करने के बाद छात्र इसके लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसका मकसद यह देखना होता है कि छात्र को अकाउंट्स, मैथ्स और बिजनेस कानून की बेसिक समझ है या नहीं. इसमें कुल 4 पेपर होते हैं. पहले दो पेपर सब्जेक्टिव यानी लिखने वाले और बाकी दो ऑब्जेक्टिव होते हैं. इसमें नेगेटिव मार्किंग भी होती है. यह परीक्षा साल में तीन बार जनवरी, मई या जून और सितंबर में होती है.
सीए इंटरमीडिएट लेवल (CA Intermediate)फाउंडेशन पास करने के बाद छात्र दूसरे लेवल पर पहुंचते हैं. ग्रेजुएशन के बाद डायरेक्ट एंट्री वाले छात्र सीधे इस लेवल से भी शुरुआत कर सकते हैं. यहां छात्र एडवांस अकाउंटिंग, टैक्स कानून, ऑडिट और फाइनेंस मैनेजमेंट जैसी कोर चीजें सीखते हैं. हाल ही में आए इंटर रिजल्ट के आंकड़े बताते हैं कि इस बार ग्रुप-1 में 10.25%, ग्रुप-2 में 16.11% और दोनों ग्रुप में सिर्फ 8.47% छात्र ही पास हो पाए हैं, जो इसके कड़े कॉम्पटिशन को टफ एग्जाम पैटर्न को बताता है. इसमें कुल 6 पेपर होते हैं जो दो ग्रुपों में बंटे होते हैं. सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव दोनों तरह के सवाल पूछे जाते हैं. यह परीक्षा भी साल में तीन बार आयोजित होती है.
सीए फाइनल लेवल (CA Final)यह सीए बनने का आखिरी और सबसे एडवांस लेवल है. इंटर के दोनों ग्रुप पास करने और ढाई साल की ट्रेनिंग के बाद छात्र इस परीक्षा में बैठ सकते हैं. यह परीक्षा छात्र की गहरी समझ, फैसले लेने की क्षमता और एक्सपर्ट नॉलेज को परखती है. यह परीक्षा साल में दो बार मई और नवंबर में होती है. इसमें एडवांस फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और इंटरनेशनल टैक्स जैसे टॉपिक्स शामिल होते हैं. इसे पास करते ही छात्र 'चार्टर्ड अकाउंटेंट' बन जाते हैं.
सीए पास होने का नियम क्या है और फीस कितनी लगती है
सीए के किसी भी लेवल को पास करने के लिए ICAI का एक फिक्स रूल है. हर एक पेपर में कम से कम 40% नंबर लाना जरूरी है. सभी पेपर को मिलाकर कुल कम से कम 50% नंबर होना चाहिए. अगर छात्र कोचिंग और प्राइवेट स्टडी मैटेरियल का खर्च अलग रख दें, तो ICAI की सरकारी फीस काफी सस्ती पड़ती है. 12वीं के बाद आने वाले छात्रों के लिए कुल रजिस्ट्रेशन और एग्जाम फीस करीब 87,300 रुपए तक होती है. ग्रेजुएशन के बाद डायरेक्ट एंट्री लेने वाले छात्रों के लिए यह फीस करीब 76,200 रुपए होती है. कुल मिलाकर अलग-अलग लेवल की फीस और ट्रेनिंग चार्जेस जोड़कर भारत में सीए बनने का सरकारी खर्च करीब 3 से 4 लाख रुपए तक आता है.
सीए बनने के बाद कितनी मिलती है सैलरी और क्या काम होता है?
भारत में एक नए चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की एवरेज शुरुआती सैलरी करीब ₹10 लाख सालाना (LPA) होती है. एक्सपीरिएंस बढ़ने के साथ यह पैकेज 20 से 25 लाख या उससे भी ऊपर जा सकता है. सीए बनने के बाद आप फाइनेंशियल मैनेजर, चीफ अकाउंटेंट, टैक्स कंसलटेंट, ऑडिटर या बैंकर के रूप में बड़ी कंपनियों, बैंकों या सरकारी संस्थानों में काम कर सकते हैं.
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