
रोहित शर्मा, कीरोन पोलार्ड, लसिथ मलिंगा और हरभजन सिंह जैसे जोरदार खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद मुंबई इंडियंस की शुरुआत आईपीएल सीजन-8 में बेहद खराब रही। टीम के एक बाद एक करके अपने पहले चार मुक़ाबले हार गई।
हालात इसके बाद भी नहीं सुधरे। पहले छह मुक़ाबले में पांच हार के बाद टीम पर प्ले ऑफ़ से बाहर होने का ख़तरा मंडराने लगा था। ये हाल तब था जब सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले, रिकी पॉन्टिंग, शेन बांड और जोंटी रोड्स जैसे कोच और मेंटॉर डग आउट में मौजूद थे, लेकिन मुंबई की टीम जीत को तरस रही थी।
कप्तान और कोच मिलकर भी विनिंग कांबिनेशन नहीं तलाश पाए थे। एरॉन फिंच जैसा जोरदार बल्लेबाज़ चोटिल होकर बाहर हो चुका था और गेंदबाज़ों को विकेट नहीं मिल रहे थे। फिंच की जगह टीम में लेंडल सिमंस के साथ पार्थिव पटेल को ओपनिंग जोड़ी के तौर पर आजमाया गया। ये जोड़ी चल निकली।
रोहित शर्मा फर्स्ट डाउन पर आने लगे और न्यूज़ीलैंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज़ मिचेल मैक्लेनेघन ने आते ही मुंबई की गेंदबाज़ी को धार दे दी। मलिंगा के यॉर्कर सटीक पड़ने लगे और हरभजन सिंह की फिरकी विकेट चटकाने लगी। कीरोन पोलार्ड जैसा ऑलराउंडर लय में आ चुके थे और देखते देखते मुंबई की टीम की कायापलट गई।
टीम ने लगातार पांच मैच जीतकर प्ले ऑफ़ के लिए अपना दावा बरकरार रखा और अंतिम 3 लीग मैचों में दो जीत हासिल कर टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पिछले सीजन में भी खराब शुरुआत के बाद मुंबई इंडियंस की टीम पहली चार टीमों में जगह बनाने में कामयाब रही थी। यानी लगातार दूसरे सीजन में टीम ने वो करिश्मा कर दिखाया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।
पहले क्वालिफ़ायर मुक़ाबले में मुंबई इंडियंस, चेन्नई को हराकर फ़ाइनल में पहुंची है और खिताबी मुक़ाबले में उसकी टक्कर चेन्नई से ही होगी। 2013 में मुंबई ने फ़ाइनल में चेन्नई को हराकर ही आईपीएल का खिताब जीता था। तब टीम पहले क्वालिफ़ायर मुक़ाबले में चेन्नई से हार गई थी, लेकिन इस बार टीम ने चेन्नई को क्वालिफ़ायर में भी हराया है।
हालात इसके बाद भी नहीं सुधरे। पहले छह मुक़ाबले में पांच हार के बाद टीम पर प्ले ऑफ़ से बाहर होने का ख़तरा मंडराने लगा था। ये हाल तब था जब सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले, रिकी पॉन्टिंग, शेन बांड और जोंटी रोड्स जैसे कोच और मेंटॉर डग आउट में मौजूद थे, लेकिन मुंबई की टीम जीत को तरस रही थी।
कप्तान और कोच मिलकर भी विनिंग कांबिनेशन नहीं तलाश पाए थे। एरॉन फिंच जैसा जोरदार बल्लेबाज़ चोटिल होकर बाहर हो चुका था और गेंदबाज़ों को विकेट नहीं मिल रहे थे। फिंच की जगह टीम में लेंडल सिमंस के साथ पार्थिव पटेल को ओपनिंग जोड़ी के तौर पर आजमाया गया। ये जोड़ी चल निकली।
रोहित शर्मा फर्स्ट डाउन पर आने लगे और न्यूज़ीलैंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज़ मिचेल मैक्लेनेघन ने आते ही मुंबई की गेंदबाज़ी को धार दे दी। मलिंगा के यॉर्कर सटीक पड़ने लगे और हरभजन सिंह की फिरकी विकेट चटकाने लगी। कीरोन पोलार्ड जैसा ऑलराउंडर लय में आ चुके थे और देखते देखते मुंबई की टीम की कायापलट गई।
टीम ने लगातार पांच मैच जीतकर प्ले ऑफ़ के लिए अपना दावा बरकरार रखा और अंतिम 3 लीग मैचों में दो जीत हासिल कर टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पिछले सीजन में भी खराब शुरुआत के बाद मुंबई इंडियंस की टीम पहली चार टीमों में जगह बनाने में कामयाब रही थी। यानी लगातार दूसरे सीजन में टीम ने वो करिश्मा कर दिखाया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।
पहले क्वालिफ़ायर मुक़ाबले में मुंबई इंडियंस, चेन्नई को हराकर फ़ाइनल में पहुंची है और खिताबी मुक़ाबले में उसकी टक्कर चेन्नई से ही होगी। 2013 में मुंबई ने फ़ाइनल में चेन्नई को हराकर ही आईपीएल का खिताब जीता था। तब टीम पहले क्वालिफ़ायर मुक़ाबले में चेन्नई से हार गई थी, लेकिन इस बार टीम ने चेन्नई को क्वालिफ़ायर में भी हराया है।
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