हम आपके लिए 'क्रिकेट ऑन दिस डे' सीरीज के तहत क्रिकेट इतिहास की अनसुनी कहानियों और किस्सों से परिचय कराएंगे. इसी कड़ी में ठीक आज के दिन यानी 8 अक्टूबर की बात करते हैं. टेस्ट इतिहास के करीब 149 साल के इतिहास मे यूं तो इस इकलौते दिन के हिस्से में कई बातें घटित हुई हैं. चेन्नई सपर किंग्स के नए हेड कोच जहीर खान का जन्मदिन भी इसी दिन आता है. लेकिन बात करते हैं उस कारानामे की, जो 29 साल पहले आज के ही दिन रावलपिंडी में रचा गया. तब क्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में अली नकवी और अजहर महमूद द्वारा किया गया कारनामा क्रिकेट इतिहास के सबसे अनूठे और ऐतिहासिक पन्नों में अभी भी दर्ज है और ऐसा फिर कभी अभी तक नहीं ही हुआ है. दरसल ये दोनों ही एक साथ डेब्यू टेस्ट में शतक जड़ने वाली पहली जोड़ी बने. आप डिटेल से जान लीजिए-
टेस्ट इतिहास की इकलौती घटना
इस मैच में ओपनिंग करने उतरे अली नकवी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 115 रन बनाए, जबकि मिडिल ऑर्डर में खेलते हुए दूसरे डेब्यूडेंट अजहर महमूद ने नाबाद 128 रन की पारी खेली. यह टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में पहली ऐसी घटना रही, जब किसी टीम के दो खिलाड़ियों ने एक ही साथ अपने डेब्यू टेस्ट मैच की एक ही पारी में शतक जड़ने का करिश्मा किया.
2. 10वें विकेट की रिकॉर्ड साझेदारी
इस मैच में सिर्फ डेब्यू पर शतक ही नहीं बना, बल्कि रिकॉर्ड बुक्स में एक और बड़ा अध्याय जुड़ा. अजहर महमूद ने निचले क्रम के बल्लेबाज मुश्ताक अहमद के साथ मिलकर आखिरी विकेट (10वें के लिए 151 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की. यह साझेदारी उस समय टेस्ट क्रिकेट में 10वें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारियों के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी थी. इससे पहले पहले 1972-73 में न्यूजीलैंड के ब्रायन हेस्टिंग्स और रिचर्ड कॉलिंग ने ऑकलैंड में पाकिस्तान के खिलाफ 151 रन की साजेदारी की थी
3. अजहर महमूद का हरफनमौला प्रदर्शन
अजहर महमूद के लिए यह मैच उनके करियर की सबसे बेहतरीन शुरुआत साबित हुआ. पहली पारी में नाबाद 128 रन बनाने के अलावा, उन्होंने गेंदबाजी में भी कमाल दिखाते हुए दक्षिण अफ्रीका के 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए. इसके बाद जब पाकिस्तान को दूसरी पारी में बल्लेबाजी की जरूरत पड़ी, तो अजहर ने वहां भी नाबाद 50 रन की अर्धशतकीय पारी खेली. अपने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन (शतक, अर्धशतक और विकेट) के कारण उन्हें इस ऐतिहासिक मैच में 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।
4. नहीं ही परवान चढ़ा दोनों का करियर
शानदार शतकों और रिकॉर्ड साझेदारियों के बावजूद यह रोमांचक मुकाबला अंततः ड्रॉ पर छूटा. अली नकवी और अजहर महमूद ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत ऐतिहासिक शतकों के साथ की थी, लेकिन विडंबना यह रही कि दोनों का अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं चल सका. अली नकवी ने पाकिस्तान के लिए केवल 5 टेस्ट मैच खेले, जबकि अजहर महमूद भी अपनी असाधारण शुरुआत के बाद बाद के सालों में टीम से अंदर-बाहर होते रहे.
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