
GPAT 2025: जीपीएटी यानी ग्रेजुएट फॉर्मेसी एप्टीट्यूट टेस्ट ( GPAT 2025) के लिए आवेदन की तिथियां जारी कर दी गई हैं. शेड्यूल के मुताबिक जीपीएटी 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अप्रैल, दोपहर 3 बजे से शुरू होकर 21 अप्रैल 2025 को रात 11.55 बजे तक चलेगी. जीपीएटी परीक्षा 25 मई 2025 को आयोजित की जाएगी और इसका परिणाम 25 जून, 2025 को घोषित किए जाएंगे. उम्मीदवार के लिए जीपीएटी सूचना बुलेटिन को 27 मार्च 2025 को दोपहर 3 बजे से निम्नलिखित लिंक https://natboard.edu.in/viewnbeexam?exam=gpat पर उपलब्ध होगा.
GPAT 2025: परीक्षा पैटर्न
जीपीएटी परीक्षा में 125 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं, प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे. ये प्रश्न इंग्लिश में होंगे. प्रश्नों को हल करने के लिए उम्मीदवारों को तीन घंटे (180 मिनट) का समय मिलेगा.
GPAT 2025: जरूरी योग्यता
किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से फार्मेसी में स्नातक की डिग्री (10+2 के बाद 4 साल, लेटरल एंट्री छात्रों सहित) या समकक्ष रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. या
बैचलर ऑफ फार्मेसी (बीफार्मा) के अंतिम वर्ष (चौथे वर्ष) की परीक्षा देने वाले उम्मीदवार, जिनका परिणाम शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए एमफार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश शुरू होने से पहले घोषित किया जाएगा, वे भी जीपीएटी 2025 में उपस्थित होने के पात्र हैं. या
बैचलर ऑफ फार्मेसी (बीफार्मा) के तीसरे साल की परीक्षा देने वाले उम्मीदवार, जिनका अंतिम वर्ष (चौथे वर्ष) के परिणाम शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए एमफार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश शुरू होने से पहले घोषित किए जाएंगे, वे भी GPAT 2025 में उपस्थित होने के पात्र हैं. हालांकि बीई/बीटेक (फार्मास्युटिकल और फाइन केमिकल टेक्नोलॉजी)/समकक्ष उम्मीदवार जीपीएटी 2025 में उपस्थित होने के लिए पात्र नहीं हैं.
क्या है जीपीएटी (Graduate Pharmacy Aptitude Test)
ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट ( GPAT) भारत में राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) द्वारा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की ओर से आयोजित एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा है, जिसका उद्देश्य भारतीय सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और संस्थानों में मास्टर ऑफ फार्मेसी (एम. फार्म) कार्यक्रम में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों की पात्रता निर्धारित करने के लिए होती है.
पहली बार जीपीएटी परीक्षा 2010 में आयोजित की गई थी. इसके बाद यह परीक्षा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा 2018 तक हर साल आयोजित की गई. इसके बाद साल 2019 से, यह परीक्षा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के माध्यम से 2023 तक आयोजित की जाती है.
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