मुंबई: नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने केबिन क्रू सदस्यों के अधिकतम ड्यूटी समय और आराम के लिए नए नियमों का प्रस्ताव किया है. इसके तहत एयरलाइन में काम से थक कर लौटे कर्मचारियों को पर्याप्त विश्राम के फिर ड्यूटी पर नहीं लगा पाएंगी, जिससे उड़ान की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
ताजा नियमों के मसौदे के अनुसार लंबी उड़ानों वाले (16 घंटे या अधिक की उड़ान) पर केबिन क्रू सदस्यों को अधिकतम 22 घंटे तक ड्यूटी पर रखा जा सकेगा. यदि उड़ान आठ समय क्षेत्रों से गुजरती है तो केबिन क्रू सदस्य को आराम के लिए 36 घंटे का समय मिलेगा.
दिल्ली उच्च न्यायालय ने चार मई को डीजीसीए को केबिन क्रू और पायलटों की उड़ान ड्यूटी और आराम के घंटों के बारे में नए नियमों को तय करने को आठ सप्ताह का समय दिया था.
इसके अलावा अदालत ने नियामक उड़ान पर और ड्यूटी के समय की सीमा पर नागर विमानन आवश्यकता ( सीएआर ) के मसौदे को अपलोड करने के लिए आज तक का समय दिया था.
नए सीएआर का निर्देश एक एनजीओ और लंबी उड़ानों पर काम करने वाले केबिन क्रू सदस्यों की याचिका पर दिया गया था. विमानन सुरक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले एनजीओ और केबिन क्रू सदस्यों ने मौजूदा 2016 के नियमों को इस आधार पर चुनौती दी थी कि इसमें उनके ड्यूटी के घंटों के दौरान होने वाली थकान और आराम के समय पर ध्यान नहीं दिया गया है.
एनजीओ ने दावा किया था कि केबिन क्रू सदस्य को थकान की वजह से उनकी खुद की और यात्रियों की सुरक्षा जोखिम में पड़ती है.
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