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नई दिल्ली:
नए रेलमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद सोमवार को सुरेश प्रभु ने कहा कि रेल सुरक्षा और उपभोक्ता सेवा उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने रेलवे की क्षमता का सही अर्थों में उपयोग करने की बात भी कही।
मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद प्रभु ने कहा, अतीत में हमने रेलवे के संचालन में काफी चुनौतियों का सामना किया है। हमारे पास क्षमता है, जिसका ठीक ढंग से उपयोग नहीं हुआ है।
शिवसेना छोड़कर भाजपा में शामिल होने के कुछ ही देर बाद कल कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले प्रभु ने सदानंद गौड़ा का स्थान लिया है। गौड़ा को मंत्रिपरिषद के फेरबदल एवं विस्तार में कानून मंत्रालय सौंपा गया है।
प्रभु ने कहा, प्रधानमंत्री ने फैसला किया है कि स्थिति (रेलवे की) को बदलना होगा.. हमारे दो केंद्रीय विषय होंगे, जिसमें उपभोक्ता सेवा और रेलवे सुरक्षा होगी, क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा चिंता का विषय बनता जा रहा है।
सरकार में लोगों की ओर से काफी भरोसा व्यक्त करने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी ओर से रेलवे में उठाये जाने वाले कदम आने वाले समय में दिखाई देंगे।
उन्होंने कहा, हम जो करेंगे, वह आने वाले समय में दिखायी देगा, इसलिए कोई घोषणा नहीं की जाएगी। प्रभु ने कहा कि अर्थव्यवस्था भी रेलवे पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि रेलवे अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है और ''अगर हम इस दिशा में काम करेंगे तब आर्थिक विकास को बढ़ा पाएंगे।''
देश में सबसे अधिक कार्यबल वाले रेलवे के संबंध में प्रभु ने कहा कि उनकी चिंताओं का ध्यान रखना प्राथमिकता की सूची में सबसे ऊपर है।