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नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में शीर्ष की कंपनी Paytm के फाउंडर और सीईओ यानी चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर के लिए गुरुवार का दिन बहुत ही भावुक था. 11 साल पुरानी उनकी कंपनी आज देश में स्टॉक एक्सचेंज मार्केट में लिस्ट हो गई. ऐसे मौके पर कंपनी के सीईओ को सुबह भावुक पलों में देखा गया. लिस्टिंग के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर उनके संबोधन के दौरान उनके आंसू छलक पड़े और वो रूमाल से अपने आंख पोंछते नजर आए. BSE पर किसी भी कंपनी की लिस्टिंग के पहले समारोह जैसा कार्यक्रम होता है. इस कार्यक्रम से बाहर आई तस्वीरों में विजय शेखर शर्मा भावुकता के आंसू पोंछते दिखे.
पेटीएम के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से लिस्टिंग के बाद एक खास पोस्ट भी शेयर किया गया, जिसमें कंपनी ने लिखा कि 'आप हैं तो हम हैं.'
पेटीएम देश का अब तक का सबसे बड़ा 18,300 करोड़ का आईपीओ (initial public offering) लेकर आया था. हालांकि, कंपनी के शेयर इशू प्राइस से भी नीचे गिरकर आज ट्रेडिंग के लिए खुले. आईपीओ के सब्सक्रिप्शन को भी शुरुआत में ऐसी ही सुस्त प्रतिक्रिया मिली थी. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयर अपने इशू प्राइस 2,150 से 9.3 फीसदी या 200 रुपये गिरकर 1,950 रुपये पर खुले. हालांकि इसके बाद शेयर की कीमतों में और गिरावट आई और स्टॉक 21 फीसदी तक गिर गए.
कैसे हुई थी पेटीएम की शुरुआत
विजय शेखर शर्मा यूपी के अलीगढ़ में टीचर पिता और गृहिणी मां के घर जन्मे थे. उन्होंने इंजीनियरिंग कर रखी है. उन्होंने 2010 में मोबाइल रिचार्ज के प्लेटफॉर्म के तौर पर पेटीएम की शुरुआत की थी. कुछ वक्त बाद कैब एग्रीगेटर कंपनी Uber ने इसे अपने प्लेटफॉर्म पर पेमेंट ऑप्शन के तौर पर जोड़ा. हालांकि, तब पॉपुलर हो गया जब नवंबर, 2016 में भारत सरकार ने नोटबंदी की घोषणा की. उस वक्त ही सरकार डिजिटल पेमेंट को तेजी से प्रमोट करना शुरू किया और इसका सबसे ज्यादा फायदा पेटीएम को हुआ. डिजिटल इंडिया मिशन के तहत कंपनी ने पैर जमाए हैं.
विजय शेखर शर्मा ने Paytm Mall और Paytm Payments Bank की स्थापना भी की है. इसके अलावा अभी उनके पास कम से कम 9 जॉब टाइटल हैं. आज उनका नेटवर्थ 2.4 बिलियन डॉलर है. Forbes के मुताबिक, वो भारत के 92वें अरबपति हैं, वहीं दुनिया के 1362वें अमीर शख्स हैं. उनकी संपत्ति का स्रोत फिन-टेक सेक्टर है.
Paytm के 400 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं और हर रोज तकरीबन इसपर 25 मिलियन ट्रांजैक्शन रजिस्टर किए जाते हैं. यहां तक कि कंपनी 2018 में वॉरेन बफेट की Berkshire Hathaway का निवेश पाने में कामयाब रही थी. बफेट की कंपनी ने 300 मिलियन डॉलर निवेश डाला था. जापान का Softbank और जैक मा की Ant Group कंपनी भी इस कंपनी में हिस्सेदारी रखती है.