बैंकों के फंसे कर्ज में भी विकास के अवसर : कोटक महिंद्रा बैंक

बैंकों के फंसे कर्ज में भी विकास के अवसर : कोटक महिंद्रा बैंक

बैंकों के फंसे कर्ज में भी विकास के अवसर : कोटक महिंद्रा बैंक (प्रतीकात्मक फोटो)

मुंबई:

कोटक महिंद्रा बैंक ने उन खबरों को अटकलबाजी करार दिया जिनमें उसके एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के अधिग्रहण की बात कही जा रही है. हालांकि, उसने संकेत दिया कि वह सुदृढीकरण में रुचि रखता है. बैंकों के फंसे कर्ज को वह एक वृद्धि अवसर के तौर पर देखता है.

कोटक महिंद्रा बैंक के उपाध्यक्ष उदय कोटक ने कहा कि बैंकों को मौजूदा दबाव की स्थिति से बाहर निकलने के लिये 100 अरब डॉलर की ताजा पूंजी की जरूरत है ताकि वह अपने फंसे कर्ज की स्थिति से बाहर निकल सके क्योंकि बैंकों के फंसे कर्ज का आकार बढ़कर 14,000 अरब रुपये हो गया है. यह पूरी बैंकिंग प्रणाली के 9.3 प्रतिशत के बराबर है.

कोटक ने कहा, ‘‘समय के साथ विभिन्न तौर तरीकों से बैंकिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय एकीकरण होगा.’’ उन्होंने कहा कि कोटक महिंद्रा बैंक के निदेशक मंडल की गुरुवार को बैठक होगी जो पूंजी जुटाने की योजनाओं पर विचार करेगा लेकिन उन्होंने इसकी रुपरेखा के बारे में कुछ नहीं कहा लेकिन मीडिया के एक धड़े में खबरें थीं कि बैंक पात्र संस्थागत निवेशकों के लिए निर्गम जारी कर दो अरब डॉलर जुटाने के करीब है.

कोटक ने कहा कि उनके बैंक के लिए फंसे हुए कर्ज का प्रबंधन एक वृद्धि का अवसर है. हम इस क्षेत्र की चुनौतियों और उनके समाधान में अवसर देख रहे हैं. हमारा मानना है कि भविष्य में महत्वपूर्ण एकीकरण का दौर होगा. कोटक बैंक की फंसे हुए कर्ज के प्रबंधन की एक अनुषंगी कंपनी है जो सीधे गैर-निष्पादित आस्तियों की खरीद करती है.

 


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