यह ख़बर 17 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

नए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक को मंजूरी मिली

खास बातें

  • इसमें आइसक्रीम, जूस तथा मोबाइल फोन जैसी 100 नई वस्तुओं के उत्पादन की प्रवृत्ति के जरिए औद्योगिक उत्पादन का आकलन किया जाएगा।
नई दिल्ली:

सरकार ने औद्योगिक उत्पादन को मापने वाले नए सूचकांक को मंजूरी दे दी है। इसके तहत आइसक्रीम, जूस तथा मोबाइल फोन जैसी 100 नई वस्तुओं के उत्पादन की प्रवृत्ति के जरिए औद्योगिक उत्पादन का आकलन किया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि औद्योगिक उत्पादन के नए सूचकांक को सचिवों की समिति ने मंजूरी दे दी है। वर्ष 2004-05 के आधार वर्ष वाला नया सूचकांक 10 जून से अमल में आएगा। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में जिन अन्य वस्तुओं को रखा गया है, उसमें कंप्यूटर स्टेशनरी, समाचारपत्र, अमोनिया, अमोनिया सल्फेट जैसे रसायन, इलेक्ट्रिक उत्पाद, रत्न एवं आभूषण शामिल हैं। दूसरी तरफ टाइपराइटर्स, लाउड स्पीकर और वीसीआर जैसे इस्तेमाल में नहीं रहे सामानों को हटाया जाएगा। नई श्रृंखला के लिए आधार वर्ष को 2004-05 कर दिया गया है जो पिछली श्रंखला में 1993-94 था। अप्रैल महीने का आईआईपी नए मॉडल पर आधारित होगा। अप्रैल का आंकड़ा 10 जून को जारी किया जाएगा। औद्योगिक संवर्धन और नीति विभाग (डीआईपीपी) तथा केंद्रीय सांख्यिकी संगठन ने नए सूचकांक पर काम किया है। फिलहाल आईआईपी में 283 जिंस हैं। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक मासिक आधार पर जारी किया जाता है। वित्त वर्ष 2010-11 में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत थी।


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