बेंकिंग और फाइनेंशियल

देश का पहला बैंक (First bank of India) कौन सा था और कब बना था, जानें भारतीय बैंकिंग का इतिहास

देश का पहला बैंक (First bank of India) कौन सा था और कब बना था, जानें भारतीय बैंकिंग का इतिहास

,

Banking History of India : देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बैंकिंग व्यवस्था का योगदान नकारा नहीं जा सकता है. आजादी से पहले भी बैंकिंग व्यवस्था की नींव रख दी गई थी और आजादी के बाद बैंकिंग ने देश की अर्थव्यवस्था की रीड़ के रूप में खुद के स्थापित कर लिया है. भारत का पहला बैंक गुलाम भारत में बना था. इसका नाम 'बैंक ऑफ हिंदुस्तान' था. इसे 1770 में स्थापित किया गया था और यह तत्कालीन भारतीय राजधानी कलकत्ता में स्थापित किया गया था. हालांकि, यह बैंक लगातार सफल काम करने में नाकाम रहा और 1832 में इसका परिचालन बंद कर दिया.

शार्क अश्नीर ग्रोवर कूद पड़े एयरपोर्ट दुरुस्त करने के काम में... देखिए क्या किया

शार्क अश्नीर ग्रोवर कूद पड़े एयरपोर्ट दुरुस्त करने के काम में... देखिए क्या किया

,

Ashneer Grover on Delhi Airport:आज अश्नीर ग्रोवर को कौन नहीं जानता. भारतपे के संस्थापक और अपनी बेबाकी के लिए सोनी टीवी के शार्क टैंक से उन्हें बहुत लोगों ने पसंद भी किया और सर आंखों पर भी बिठाया. लेकिन ज्यादा बेबाकी सेहत के लिए नुकसानदायक होती है सो अश्नीर को नुकसान भी उठाना पड़ता होगा.

अब इस प्राइवेट बैंक ने बढ़ाई एफडी (Fixed Deposit) पर ब्याज दरें 

अब इस प्राइवेट बैंक ने बढ़ाई एफडी (Fixed Deposit) पर ब्याज दरें 

,

Yes bank New Fixed Deposits interest rates: आरबीआई पिछले काफी समय से महंगाई को काबू करने और अंतरराष्ट्रीय दबाव को काबू करने के नीयत से लगातार नीतिगत ब्याज दरों में इजाफा करता जा रहा है. नतीजा साफ है लोन महंगा होता जा रहा है और ईएमआई भी महंगी होती जा रही है. वहीं दूसरी तरफ बैंकों में जमा राशि पर ब्याज बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है. ऐसे में एक के बाद एक बैंक अपने यहां जमा पर ब्याज दरें बढ़ाते जा रहे हैं. अब निजी क्षेत्र के बैंक येस बैंक ने भी अपने यहां जमा पर ब्याज दरों को बढ़ाने का ऐलान किया है. बैंक ने सावधि जमा या साधारण भाषा में लोग जिसे एफडी कहते  हैं पर ब्याज दरें बढ़ाने की बात कही है.

नीतिगत दर में वृद्धि न्यायसंगत नहीं : एमपीसी सदस्य जयंत आर वर्मा

नीतिगत दर में वृद्धि न्यायसंगत नहीं : एमपीसी सदस्य जयंत आर वर्मा

,

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के तीन बाहरी सदस्यों में से दो नीतिगत दर रेपो बढ़ाने के पक्ष में नहीं थे. इनमें से एक ने कहा कि ऐसा करना 'न्यायसंगत नहीं है', क्योंकि मुद्रास्फीति घटने के अनुमान हैं और आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंता बनी हुई है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को 6-8 फरवरी की एमपीसी बैठक का ब्योरा जारी किया. इसके मुताबिक बाह्य सदस्य जयंत आर वर्मा और आशिमा गोयल नीतिगत दर में आगे बढ़ोतरी के पक्ष में नहीं थे.

वैश्विक अनिश्चितता से मुद्रास्फीति के खिलाफ लड़ाई जटिल हुई : MPC meeting

वैश्विक अनिश्चितता से मुद्रास्फीति के खिलाफ लड़ाई जटिल हुई : MPC meeting

,

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता ने मुद्रास्फीति के खिलाफ लड़ाई को जटिल बना दिया है. उन्होंने यह बात इस महीने की शुरूआत में मौद्रिक नीति समिति की बैठक में कही. मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक का ब्य़ोरा बुधवार को जारी हुआ, जिसमें यह जानकारी दी गई. इस दौरान आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि गैर-तेल जिंस कीमतों में बढ़ोतरी जैसे वैश्विक कारकों के चलते काफी अनिश्चितता है.

भारत की सबसे पसंदीदा भुगतान प्रणाली UPI, नकद लेनदेन को पीछे छोड़ देगी : पीएम नरेंद्र मोदी

भारत की सबसे पसंदीदा भुगतान प्रणाली UPI, नकद लेनदेन को पीछे छोड़ देगी : पीएम नरेंद्र मोदी

,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई UPI) को भारत की सबसे पसंदीदा भुगतान प्रणाली बताया और कहा कि यह जल्द ही नकद लेनदेन को पीछे छोड़ देगी. पीएम मोदी ने सिंगापुर के अपने समकक्ष ली सियन लूंग की मौजूदगी में ‘यूपीआई' और सिंगापुर की ‘पे नाऊ' प्रणाली (UPI and PayNow) के बीच संपर्क सुविधा की शुरुआत के मौके पर कहा कि भारत की भुगतान सेवा यूपीआई और सिंगापुर की ‘पे नाउ' प्रणाली के बीच संपर्क सुविधा की शुरुआत दोनों देशों के संबंधों के लिए एक नया मील का पत्थर है.

पीएनबी बैंक ने fixed deposit पर ब्याज दरें बढ़ाईं, जानें अब कितनी हुई

पीएनबी बैंक ने fixed deposit पर ब्याज दरें बढ़ाईं, जानें अब कितनी हुई

,

देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंकों में से एक पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी ने अपने यहां सावधि जमा मतलब फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों बढ़ाने का निर्णय लिया है. यह बढ़ी हुई दरें आज से ही लागू हो गई हैं. पीएनबी ने यह दरें करीब 30 बेसिस प्वाइंट से बढ़ा दी हैं.

आरबीआई ने ‘ऑनलाइन भुगतान एग्रीगेटर’ के रूप में लगी 54 यूनिटों की सूची जारी की

आरबीआई ने ‘ऑनलाइन भुगतान एग्रीगेटर’ के रूप में लगी 54 यूनिटों की सूची जारी की

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ‘ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर’ यानी भुगतान की सुविधा देने वाली इकाइयों की सूची जारी की है. इस सूची में अमेजन (पे) इंडिया, गूगल इंडिया डिजिटल सर्विसेज, एनएसडीएल डाटाबेस मैनेजमेंट और जोमैटो पेमेंट्स समेत 54 इकाइयां हैं. भुगतान की सुविधा देने वाला यानी एग्रीगेट सेवा प्रदाता होते हैं.

SBI के ग्राहकों को झटका, लोन हो गया महंगा

SBI के ग्राहकों को झटका, लोन हो गया महंगा

,

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान किया था. तब से ही उम्मीद थी कि होम लोन महंगे हो जाएंगे. अब एसबीआई ने लोन पर ब्याज दर बढ़ाने का ऐलान किया है. इससे पहले पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा ने पहले ही अपना लोन बढ़ा दिया था. एसबीआई ने लोन के तय एमसीएलआर यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट में 10 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया है. इसके साथ ही होम लोन लेने वाले एसबीआई के ग्राहकों के लिए ईएमआई महंगी हो जाएगी. साथ ही ऑटो लोन जैसे अन्य लोन की ईएमआई में भी इजाफा हो गया है बैंक की ये नई दरें 15 फरवरी, 2023 से लागू हो गई हैं.

सीबीडीटी ने एसेसमेंट वर्ष 23-24 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म अधिसूचित किया

सीबीडीटी ने एसेसमेंट वर्ष 23-24 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म अधिसूचित किया

बजट 2023 में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकरदाताओं को सात लाख तक की आय में छूट का प्रावधान किया है. साथ ही यह लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनकी कुल आय सात लाख रुपये तक है और वे नई प्रस्तावित आयकर रिजीम का चुनाव करते हैं.

SBI की इस स्कीम में एक बार करें निवेश, हर महीने करें कमाई

SBI की इस स्कीम में एक बार करें निवेश, हर महीने करें कमाई

,

एसबीआई की साइट के अनुसार इस स्कीम का उद्देश्य जमाकर्ता को एकबारगी एकमुश्त राशि का भुगतान करने और इसे समान मासिक किस्तों (ईएमआई) में प्राप्त करने में सक्षम बनाना, जिसमें मूलधन का हिस्सा और घटते मूलधन पर ब्याज शामिल है, जिसकी त्रैमासिक अंतरालों पर चक्रवृद्धि आधार पर आकलन किया जाता है एवं मासिक मूल्य पर छूट दी जाती है.

कटे-फटे, गले नोट पास में पड़े हैं तो यह नियम जान लें, हो जाएंगे टेंशन फ्री

कटे-फटे, गले नोट पास में पड़े हैं तो यह नियम जान लें, हो जाएंगे टेंशन फ्री

,

रास्ता साफ है कि आपको बैंक जाना चाहिए. आप इस रास्ते पर जाने से डरते हैं कि कहीं बैंक में किसी प्रकार का जुर्माना न लगा दे, कहीं बैंक वाले सवाल जवाब न करें. कहीं देश की करेंसी को नुकसान पहुंचाने का अपराध न लग जाए... तमाम तरह के सवाल आपके मन में आते हैं और रास्ता नहीं सूझता. आपको बैंक मना नहीं कर सकता है. बैंक को आपको नोट बदलकर देना होता है. 

डिजिटल बैंकिंग से कैसे अलग है डिजिटल रुपी में लेन-देन, समझें यहां

डिजिटल बैंकिंग से कैसे अलग है डिजिटल रुपी में लेन-देन, समझें यहां

,

Digital Rupee Vs Digital Banking : बैंकिंग एक्सपर्ट संजय कुमार से बात करने पर उन्होंने बताया कि डिजिटल करेंसी में जब भी दो लोगों के बीच ही लेन-देन होगा तब इसकी जानकारी अन्य किसी को नहीं होगी. यानि एनोनिमिटी बनी रहेगी.

डबल नुकसान से बचना है तो RBI की इस चेतावनी को जरूर पढ़ लें

डबल नुकसान से बचना है तो RBI की इस चेतावनी को जरूर पढ़ लें

,

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 03 फरवरी 2022 को भी आम जनता को अप्राधिकृत फोरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के विरुद्ध सतर्क किया था और उन संस्थाओं की एक सचेतक सूची (Alert list) जारी की थी जो न तो विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा) के अंतर्गत फोरेक्स में व्यवहार करने के लिए प्राधिकृत हैं और न ही फोरेक्स लेन-देन के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म संचालित करने के लिए प्राधिकृत हैं.

डिजिटल ऋण सेवा इस साल शुरू होगी, 10 देशों के एनआरआई को मिलेगी यूपीआई सेवा

डिजिटल ऋण सेवा इस साल शुरू होगी, 10 देशों के एनआरआई को मिलेगी यूपीआई सेवा

,

सरकार इस साल डिजिटल ऋण सेवा (Digital loan service) शुरू करेगी. दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस सेवा से छोटे रेहड़ी-पटरी वाले भी बड़े बैंकों से कर्ज ले सकेंगे. ‘डिजिटल भुगतान उत्सव’ को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि इसे यूपीआई सेवा की तरह पेश किया जाएगा. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल भारत’ दृष्टिकोण के तहत बड़ी उपलब्धि होगी.

Good News : FD करवाने जा रहे हैं तो पढ़ें ये खबर, इस प्राइवेट बैंक ने बढ़ाई ब्याज दरें

Good News : FD करवाने जा रहे हैं तो पढ़ें ये खबर, इस प्राइवेट बैंक ने बढ़ाई ब्याज दरें

,

निजी क्षेत्र के कोटक महिंद्रा बैंक ने बृहस्पतिवार को निश्चित परिपक्वता अवधि वाली सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दर में 0.25 (चौथाई) प्रतिशत तक की वृद्धि की घोषणा की. यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बुधवार को नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की एक और वृद्धि के बाद उठाया गया है.

अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 12 पैसे कमजोर खुला

अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 12 पैसे कमजोर खुला

,

शुक्रवार अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया एक बार फिर कमजोर खुला. शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे की गिरावट के साथ 82.63 पर खुला. 

इन दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बढ़ा दी लोन पर ब्याज दरें

इन दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बढ़ा दी लोन पर ब्याज दरें

,

सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने कर्ज पर लगने वाले ब्याज में 0.25 प्रतिशत तक की वृद्धि की है. भारतीय रिजर्व बैंक के नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत वृद्धि के बाद बैंकों ने यह कदम उठाया. पीएनबी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि रेपो आधारित ब्याज दर (आरएलएलआर) 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 8.75 प्रतिशत से 9.0 प्रतिशत कर दी गयी है. नई दर बृहस्पतिवार से प्रभाव में आ गई है.

जनवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 72 प्रतिशत निवेश बढ़ा, हुई रिकॉर्ड SIP : एन एस वेंकटेश

जनवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 72 प्रतिशत निवेश बढ़ा, हुई रिकॉर्ड SIP : एन एस वेंकटेश

,

देश में लोगों को निवेश का महत्व समझ आने लगा है और लोग निवेश के विकल्प के रूप में म्यूचुअल फंड के महत्व को भी समझने लगे हैं. वैसे तो म्यूचुअल फंड अनेक प्रकार के होते हैं लेकिन शेयर बाजार में ज्यादा निवेश करने वाले फंड में निवेश के मामलों में 72 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है. वहीं एसआईपी निवेश में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है. बीते महीने में SIP (Systematic investment Plan) योगदान में वृद्धि देखी गई है. जनवरी मासिक डेटा दिसंबर 2022 के महीने में 13,573.08 करोड़ रुपये की तुलना में 13,856.18 करोड़ रुपये का SIP योगदान दिखाता है. SIP महीने दर महीने ऊपर की ओर रुझान दिखाता है. 

सरकार ने आईआरडीए, बीमा कंपनियों से छह बिंदुओं पर गौर करने को कहा

सरकार ने आईआरडीए, बीमा कंपनियों से छह बिंदुओं पर गौर करने को कहा

,

सरकार ने बीमा नियामक आईआरडीएआई  IRDAI और अन्य हितधारकों के समक्ष बीमा अनुबंधों में अस्पष्टता और कठोर नीतिगत शर्तों सहित छह प्रमुख मुद्दों को उठाते हुए इनका निपटारा करने का आग्रह किया. प्रमुख हितधारकों के समक्ष उठाए गए मुद्दों में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के पास अदालत के बाहर मामले निपटाने के लिए अधिकारों की कमी और बीमा पॉलिसी पर हस्ताक्षर करते समय एजेंटों द्वारा उपभोक्ताओं के साथ पूर्ण पॉलिसी दस्तावेजों को साझा नहीं करने जैसे मुद्दे भी शामिल थे.

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com