बैंकों के आठ लाख करोड़ रुपये दबाए हैं 500 कंपनियां, आरबीआई ने बनाई लिस्ट

देश के 12 बड़े उद्योगपतियों के पास बैंकों के दो लाख करोड़ रुपये, सरकार के उद्योगों के बकाया कर्ज की सुध लेने पर किसान नेता खुश

बैंकों के आठ लाख करोड़ रुपये दबाए हैं 500 कंपनियां, आरबीआई ने बनाई लिस्ट

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  • रिजर्व बैंक 500 कंपनियों से कर्ज वसूली का रास्ता खोजेगा
  • सरकार को दोषियों को कटघरे में खड़ा करना होगा
  • आरबीआई की पहल से सरकार के प्रति बदल सकती है आम राय
नई दिल्ली:

देश के 12 बड़े उद्योगपति ऐसे हैं जो बैंकों का दो लाख करोड़ रुपया दबाकर बैठ गए हैं. आरबीआई ने ऐसी करीब 500 कंपनियों की लिस्ट तैयार की है जिनकी वजह से बैंकों के क़रीब 8 लाख करोड़ डूबे हुए हैं.

दिल्ली के राजघाट पर आंदोलन के लिए आए किसान नेता खुश हैं कि आखिर बैंकों को उद्योगों के बक़ाया क़र्ज की सुध आई. वरना अब तक क़र्ज़ की तलवार उन्हीं पर लटकाई जाती रही है. राष्ट्रीय किसान मज़दूर संघ के अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा ने कहा कि वे इस फैसले का स्वागत करते हैं लेकिन सरकार को दोषियों को कटघरे में खड़ा करना होगा जो बरसों से बैंकों का पैसा दबाकर बैठे हैं.

आरबीआई की आंतरिक समिति ने मंगलवार को जानकारी दी कि वह ऐसी 500 कंपनियों से क़र्ज़ वसूली का रास्ता खोजेगी. हालांकि इन कंपनियों के नाम उजागर नहीं किए गए. इन पर 8 लाख करोड़ का कर्ज़ बाकी है. इनमें से 12 ऐसे हैं जिन पर करीब दो लाख करोड़ का कर्ज़ बकाया है.

इसके पहले वित्त मंत्री कह चुके हैं कि इस रकम की वसूली पर गंभीरता से काम हो रहा है. अब बैंकों के पास दो विकल्प हैं. एक तो कंपनियों की संपत्ति बेचकर पैसा वसूल करें या फिर देखें कि अगर वे कारोबार कर सकती हैं तो वसूली का क्या रास्ता हो सकता है.

सरकारों पर यह आरोप आम है कि वह गरीबों और किसान-मजदूरों को राहत नहीं देतीं. जबकि अमीरों को सारी छूट मिल जाती है. अब आरबीआई की इस पहल के बाद सरकार को इस राय को बदलने का मौक़ा है- साथ ही लाखों करोड़ की क़र्ज वसूली का भी.


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