भारत में इलेक्ट्रॉनिक का बिजनेस काफी फायदेमंद होता है. क्योंकि इसका रिटेल बाजार सालों साल चलता है. ऐसे में काफी लोग इलेक्टॉनिक सामानों के बिजनेस का प्लान करते हैं. हालांकि इस बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको कुछ जरूरी जानकारी होनी चाहिए. भारत में इलेक्ट्रॉनिक दुकान खोलने के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन से कुछ जरूरी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन लेने होते हैं. ऐसा करने से आपका बिजनेस कानूनी रूप से सुरक्षित रहता है.
इलेक्ट्रॉनिक दुकान खोलने के लिए आपको कुछ जरूरी रजिस्ट्रेशन करवाने होते हैं. इसके साथ कुछ जरूरी दस्तावेज का होना भी जरूरी है. अगर जरूरी दस्तावेज नहीं होंगे तो आप कानूनी पचड़े में पड़ सकते हैं.
दुकान का रजिस्ट्रेशन
आपको अपने दुकान का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. इसके लिए आपको अपने स्थानीय नगर निगम यानी Municipal Corporation या श्रम विभाग में आवेदन करना होगा. जरूरी दस्तावेज और वेरिफिकेशन के बाद आपको लाइसेंस दे दिया जाएगा. इससे आपकी दुकान प्रमाणित हो जाएगा कि दुकान व्यावसायिक रूप से लीगल है. वहीं आपको अगर दुकान के बाहर कमर्शियल बोर्ड लगानी है तो आपको इसके लिए भी नगर निगम से लाइसेंस लेना पड़ेगा.
बिजनेस एंटिटी रजिस्ट्रेशन
अगर आप अकेले ही दुकान खोल रहे हैं तो इसके लिए प्रोपराइटरशिप का रिजस्ट्रेशन लेना होता है. वहीं अगर आप अपने पार्टनर के साथ दुकान खोल रहे हैं तो आपको पार्टनरशिप डीड या LLP रजिस्ट्रेशन कराना होगा.
करंट बैंक अकाउंट और GST
बिजनेस में होने वाले लेन देन के लिए आपको करंट बैंक अकाउंट खुलवाना होगा. अगर आपका टर्नओवर 20 लाख से अधिक है तो आपको GST रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर टैक्स इनपुट क्रेडिट का लाभ उठाने के लिए भी यह जरूरी है.
आपको बता दें, अगर आपको अपने बिजनेस के लिए लोन लेना है तो MSME रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. हालांकि यह सरकारी रूप से अनिवार्य नहीं है. लेकिन इससे आपको सस्ते लोन का फायदा मिलता है. साथ ही सरकारी योजना का लाभ भी आसानी से मिलता है. वहीं अगर आप अपने प्रोडक्ट का खास ब्रांड नाम रखना चाहते हैं तो आपको ट्रेडमार्क लाइसेंस लेना होगा. इससे आपके नाम को दूसरा कोई इस्तेमाल नहीं कर सकेगा.
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