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ई-कचरे से सरकार की बंपर कमाई! सिर्फ 17 दिनों में कबाड़ बेचकर जुटाए ₹490 करोड़

E-Waste Disposal Revenue: केंद्र सरकार के स्पेशल स्वच्छता अभियान 6.0 के दौरान ई-कचरे और कबाड़ के निपटान से सिर्फ 17 दिनों में ₹490 करोड़ का राजस्व मिला है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि 31 अक्टूबर तक यह दोगुनी से अधिक होने की उम्मीद है.

ई-कचरे से सरकार की बंपर कमाई! सिर्फ 17 दिनों में कबाड़ बेचकर जुटाए ₹490 करोड़
E-Waste Swachhata Campaign: सरकारी दफ्तरों के कबाड़ से हुई बंपर कमाई, स्वच्छता अभियान 6.0 से सरकारी खाते में आई भारी रकम

केंद्र सरकार के 'विशेष स्वच्छता अभियान 6.0' के तहत सरकारी दफ्तरों से ई-कचरे (E-Waste) और अनुपयोगी सामानों के निपटान से सरकार को भारी राजस्व मिल रहा है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने  बताया कि अभियान के शुरुआती 16-17 दिनों में ही कबाड़ और बेकार पड़े सामानों को बेचकर ₹490 करोड़ से अधिक का राजस्व सरकारी खाते में दर्ज हो चुका है.

31 अक्टूबर तक कमाई दोगुनी होने की उम्मीद

केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई है कि 2 अक्टूबर से शुरू हुआ यह विशेष अभियान 31 अक्टूबर तक खत्म होने पर यह कमाई दोगुने से भी ज्यादा हो जाएगी. उन्होंने बताया कि इस बार अनुपयोगी सामानों और ई-कचरे की पारदर्शी और तेज बिक्री के लिए 'गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस' (GeM) पोर्टल की मदद ली जा रही है. पिछले अभियानों के दौरान भी इलेक्ट्रॉनिक व अन्य कबाड़ के निपटान से लगभग ₹6,000 करोड़ जुटाए गए थे.

गांधी जयंती से पटेल जयंती तक चलता है अभियान

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर इस विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत साल 2021 में हुई थी. यह अभियान हर साल 2 अक्टूबर (महात्मा गांधी जयंती) से शुरू होकर 31 अक्टूबर (सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती) तक पूरे एक महीने चलता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि साल के बाकी 365 दिनों में भी स्वच्छता पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन इस विशेष अभियान का मकसद दफ्तरों में स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करना और नए प्रयासों को शामिल करना है.

DoPT मुख्यालय से हटे लाखों के पुराने उपकरण

स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने खुद कर्तव्य भवन स्थित कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) मुख्यालय में ई-कचरा निपटान गतिविधि में हिस्सा लिया. DoPT मुख्यालय से निपटाए गए सामानों में 152 डेस्कटॉप, 35 प्रिंटर, 8 स्कैनर, 3 फोटोकॉपी मशीनें, 59 UPS यूनिट, 52 एयर कंडीशनर, 4 टीवी, 5 रेफ्रिजरेटर, 17 वॉटर डिस्पेंसर और 217 अन्य उपकरण शामिल थे. इन सामानों की मूल कीमत (बेस प्राइस) ही करीब ₹9 लाख थी.

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