'कुछ कुछ होता है' एक कल्ट क्लासिक फिल्म है. जब शाहरुख खान ने अपनी बाहें फैलाईं और 'तुम पास आए, यूं मुस्कुराए' गाना गाया, तो एक पूरी पीढ़ी को अपना नया लव एंथम मिल गया. इसका श्रेय गीतकार समीर अनजान की सरल और दिल को छू लेने वाली शायरी को जाता है, जिसने उस समय भी हमारे दिलों को छुआ था और आज भी छूती है. हालांकि, समीर के लिए यह सफर आसान नहीं था, खासकर तब जब उन्हें बॉलीवुड के दिग्गज कवि जावेद अख्तर की जगह लेनी थी. हालांकि आपको जानकर हैरानी होगी कि जावेद साहब ने करण जौहर की पहली फिल्म के लिए लिखने से मना कर दिया था क्योंकि उन्हें इसका टाइटल 'अश्लील' लगा था. समीर ने एक बातचीत में बताया था कि जावेद साहब ने करण जौहर की पहली फिल्म के लिए लिखने से मना कर दिया था क्योंकि उन्हें इसका टाइटल 'अश्लील' लगा था. उन्हें फिल्म को एक युवा और ताजा वाइब देने के लिए लाया गया था. 'लल्लनटॉप' के साथ एक इंटरव्यू में गीतकार ने अपने अनुभव के बारे में बताया था कि उन्हें टाइटल में कोई समस्या नहीं लगी.
जावेद अख्तर ने करण जौहर से टाइटल बदलने को कहा
एक बातचीत में समीर ने कहा, "जावेद साहब को इस फिल्म के गाने लिखने थे. हालांकि, उन्होंने फिल्म छोड़ दी क्योंकि उन्हें फिल्म का टाइटल पसंद नहीं आया. उन्होंने करण जौहर से टाइटल बदलने के लिए कहा और कहा कि तभी वह इस पर काम करेंगे, क्योंकि उन्हें कहानी तो पसंद थी लेकिन टाइटल बिल्कुल भी पसंद नहीं आया." समीर ने कहा, "मुझे इसमें कभी कोई अश्लीलता नहीं लगी. मैं युवा था और मुझे इसमें कुछ भी अश्लील नहीं लगा. मुझे बाद में पता चला कि जावेद साहब का यह सोचना था कि 'कुछ कुछ होता है' भी कोई टाइटल है? जब मैं लिखने बैठा, तो मैं युवा था और प्यार के एहसास में डूबा हुआ था. 'कुछ कुछ होता है' कब होता है? जब आप प्यार में होते हैं." उन्होंने आगे कहा, "मेरा मानना था कि अगर डायरेक्टर ने यह नाम रखा है, तो उन्होंने जरूर सोच-समझकर रखा होगा और इसके पीछे कोई कहानी होगी."
करण समीर का ओरिजिनल स्टाइल चाहते थे
हालांकि, जावेद साहब का समीर पर असर पड़ा था. जब गीतकार ने गाने लिखने का काम शुरू किया, तो वे करण जौहर को प्रभावित करना चाहते थे, और मजेदार बात यह है कि उन्होंने इसके लिए जावेद अख्तर जैसा शायरी वाला अंदाज अपनाया. करण ने तुरंत समीर को टोका और उनसे कहा कि वे अपने ओरिजिनल अंदाज - सादगी और ताजगी को ही अपनाएं. उन्होंने कहा कि मैंने आपको इसलिए बुलाया है क्योंकि आप युवा हैं और यह कॉलेज जाने वाले छात्रों की कहानी है. मुझे आपका लिखने का अंदाज चाहिए, जो बिल्कुल सरल हो. उन्हें शायरी बिल्कुल नहीं चाहिए. जब मैं दूसरी बार कोशिश करके गया, तो मैंने उनसे कहा कि यह बहुत सरल लग रहा है, पता नहीं लोगों को पसंद आएगा या नहीं. करण को भरोसा था और उन्होंने मुझे तसल्ली दी कि मुझे चिंता नहीं करनी चाहिए. उन्हें जो चाहिए था, वह मिल गया था. इसे अच्छा, बेहतर या सबसे अच्छा बनाने की कोई जरूरत नहीं थी.
समीर अनजान के बारे में
समीर अनजान ने 'साजन', 'राजा बाबू', 'कुली नंबर 1', 'राजा हिंदुस्तानी', 'अंजाम', 'कुछ कुछ होता है', 'फिजा', 'धड़कन', 'कभी खुशी कभी गम', 'देवदास', 'राज', 'दिल है तुम्हारा', 'इश्क विश्क', 'दिल मांगे मोर', 'तेरे नाम', 'असंभव', 'फिदा', 'नो एंट्री', 'अक्सर', 'धूम 2', 'सांवरिया', 'रेस', 'दमदम!', 'हाउसफुल 2', 'राउडी राठौर', 'सन ऑफ सरदार', 'दबंग 2', 'बलमा' और कई अन्य फिल्मों के लिए गाने लिखे हैं. उनके नाम सबसे ज्यादा गाने लिखने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं