कनिका कपूर का नाम जब भी आता है तो लोगों को 'बेबी डॉल' और चिट्टियां कलाइयां जैसे गाने याद आते हैं. लेकिन इन गानों से पहले उनका एक गाना था, जिन्होंने उनके करियर को एक उड़ान दी. खास बात यह है कि इसका कनेक्शन एक पंजाबी लोकगीत से है. यह 2012 में आया था, जिसके बोल आमतौर पर भगवान, पीर पैगम्बर और मौला अली की शान से शुरू होती है. हम बात कर रहे हैं जुगनी जी की, जिसे कनिका कपूर ने गाया. हालांकि इससे पहले यह कॉकटेल फिल्म में इस्तेमाल किया गया था. लेकिन कनिका कपूर ने इसे पॉपुलर कर दिया.
यूट्यूब पर खूब किया गया पसंद
कनिका कपूर के जुगनी जी 2.0 को यूट्यूब पर रिलीज किया गया तो वह खूब पॉपुलर हुआ. इस गाने में कनिका के अलावा मम्जी स्ट्रेंजर, डीजे ल्यान ने अपने रिमिक्स से फैंस के दिलों में जगह बनाई. यही वजह है कि यूट्यूब पर इस गाने को 60 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं. इसके बाद कनिका कपूर का म्यूजिक करियर शुरू हुआ और आज वह बॉलीवुड की जानी मानी सिंगर हैं.
जुगनी जी गाने के बोल
अलिफ़ अल्लाह… इश्क़े दी बूटी
मन दी मिट्टी विच लायी तू
इस मिट्टी दा ना मौसम कोई
बिन मौसम यार खड़ाई तू ओह जुग जुग जीवे, जीवे जुगनी
मौला मन विच बूटी लायी तू पीर मेरेया… जुगनी जी ऐ वे अल्लाह वालेयां दी (जुगनी जी)
ऐ वे अल्लाह वालेयां दी (जुगनी जी)
ऐ वे नबी पाक दी (जुगनी जी)
ऐ वे नबी पाक दी (जुगनी जी)
ऐ वे मौला अली वाली (जुगनी जी)
ऐ वे मौला अली वाली (जुगनी जी)
ऐ वे मेरे पीर दी (जुगनी जी)
ऐ वे मेरे पीर दी (जुगनी जी)
ऐ वे सारे सब्ज़ दी (जुगनी जी)
ऐ वे सारे सब्ज़ दी (जुगनी जी).
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सिंगिंग छोड़ फैमिली पर दिया ध्यान
कनिका कपूर बचपन में ऑल इंडिया रेडियो के लिए भी गाती थीं और बाद में अनूप जलोटा के साथ भी कार्यक्रमों में गाया करती थीं. बॉलीवुड में पहचान मिलने से बहुत पहले ही कनिका संगीत की दुनिया में कदम रख चुकी थीं. कनिका ने संगीत की पढ़ाई भी की और आगे चलकर मुंबई में सपने को पूरा करने की कोशिश की. लेकिन, उनकी जिंदगी ने अचानक अलग मोड़ ले लिया. करीब 18 साल की उम्र में उनकी शादी राज चंडोक से हो गई और वह लंदन चली गईं. इसके बाद वह तीन बच्चों की मां बनीं. शादी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उनका संगीत करियर पीछे छूट गया, लेकिन उन्होंने गाना पूरी तरह छोड़ा नहीं. बाद में उन्होंने खुद बताया था कि संगीत उनके अंदर हमेशा मौजूद रहा.
तलाक के बाद फिर शुरू किया करियर
एक इंटरव्यू में कनिका ने बताया था कि शादी की दसवीं सालगिरह पर उन्होंने पति से हीरे या कोई महंगा तोहफा मांगने के बजाय अपना म्यूजिक एल्बम रिकॉर्ड करने की इच्छा जताई थी. उन्होंने अपना गैराज तक स्टूडियो में बदल लिया था. बाद में उनकी जिंदगी में मुश्किल दौर आया और 2012 में उनका तलाक हो गया. इसके बाद उन्होंने अपने बच्चों के लिए आर्थिक रूप से खुद खड़े होने का फैसला किया. कनिका ने कहा कि आर्थिक आजादी ने उन्हें आत्मसम्मान दिया.
कनिका कपूर के गाने
इसके बाद कनिका ने संगीत में वापसी की और 2012 में 'जुगनी जी' से उन्हें पहचान मिली. लेकिन असली धमाका 2014 में हुआ, जब 'रागिनी एमएमएस 2' का गाना 'बेबी डॉल' रिलीज हुआ. यह गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि कनिका की आवाज रातोंरात पूरे देश में पहचानी जाने लगी. इसी गाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड में सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका का सम्मान भी मिला. इसके बाद 'चिट्टियां कलाइयां', 'लवली', 'देसी लुक' और 'नचन फर्राटे' जैसे गानों ने उनकी लोकप्रियता और बढ़ा दी.
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