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1974 की वो फिल्म जिसमें देव आनंद से हुई एक गलती और 15 मिनट में लुट गया सब कुछ, बर्बादी की वजह बनीं शबाना आजमी-जीनत अमान

देव आनंद ने अपने करियर में एक बहुत बड़ी गलती कर दी थी. इस गलती की वजह से 15 मिनट में ही एक्टर का सब कुछ खत्म हो गया था. उनकी इस बर्बादी में शबाना आजमी और जीनत अमान भी शामिल थीं.

1974 की वो फिल्म जिसमें देव आनंद से हुई एक गलती और 15 मिनट में लुट गया सब कुछ, बर्बादी की वजह बनीं शबाना आजमी-जीनत अमान
15 मिनट में बदल गई थी देव आनंद की जिंदगी

बॉलीवुड के उन सितारों की बात हो, जिन्होंने अपनी शख्सियत और अंदाज से कई पीढ़ियों के दिलों पर राज किया, तो देव आनंद का नाम सबसे पहले याद आता है. अपनी खास अदायगी, चार्म और जिंदगी को लेकर बेफिक्र नजरिए के लिए मशहूर देव आनंद सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा की एक पूरी पहचान थे. उनकी जिंदगी में कई ऐसे मौके आए, जब उन्होंने जोखिम उठाने से भी परहेज नहीं किया. ऐसा ही एक किस्सा उनकी 1974 में आई फिल्म ‘इश्क इश्क इश्क' से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अपनी पूरी पूंजी दांव पर लगा दी थी. क्या थी पूरी कहानी, चलिए आपको बताते हैं.

फिल्म में नजर आए थे कई बड़े सितारे

‘इश्क इश्क इश्क' देव आनंद की महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक थी. फिल्म में उनके साथ जीनत अमान, शबाना आजमी, जरीना वहाब, कबीर बेदी और जीवन जैसे कलाकार नजर आए थे. फिल्म का निर्देशन भी देव आनंद ने ही किया था. हालांकि, फिल्म वैसी सफलता हासिल नहीं कर पाई, जैसी उम्मीद की गई थी. लेकिन इससे भी ज्यादा दिलचस्प है वह किस्सा, जो फिल्म की रिलीज के बाद देव आनंद के साथ हुआ.

प्रीमियर के बाद बदल गया माहौल

हाल ही में मशहूर निर्देशक और देव आनंद के भतीजे शेखर कपूर ने फिल्मफेयर के यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में उनसे जुड़ा यह किस्सा साझा किया. शेखर कपूर ने बताया कि देव आनंद को देखकर ही कोई भी व्यक्ति जिंदगी के बारे में बहुत कुछ सीख सकता था. उन्होंने उस दौर को याद करते हुए बताया कि जब ‘इश्क इश्क इश्क' रिलीज हुई, तब देव आनंद ने फिल्म में अपनी पूरी पूंजी लगा दी थी.

फिल्म के प्रीमियर के बाद देव आनंद होटल ओबेरॉय के एक कमरे में मौजूद थे और शेखर कपूर भी उनके साथ थे. शुरुआत में फोन लगातार बज रहे थे. इंडस्ट्री से लोग उन्हें बधाई दे रहे थे और फिल्म को लेकर अच्छी बातें कर रहे थे. माहौल ऐसा था कि लग रहा था फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है.

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लेकिन कुछ ही देर बाद तस्वीर बदलने लगी. एक फोन कॉल ने देव आनंद को फिल्म के असली हालात बता दिए. शेखर कपूर के मुताबिक, सिर्फ 15 मिनट के अंदर देव आनंद को एहसास हो गया कि उनकी फिल्म फ्लॉप हो गई है और उनका सारा पैसा डूब चुका है. एक्टर का चेहरा बदलते भावों से गुजर रहा था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. थोड़ी देर के लिए बाथरूम गए और बाहर आकर मुस्कुराते हुए बोले, "चल, एक नई फिल्म बनाते हैं. अभी आइडिया आया है". देव आनंद की यह जिंदादिली और तुरंत असफलता को पीछे छोड़ने की क्षमता आज भी प्रेरणा देती है.


 

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