1 अगस्त को नेशनल गर्लफ्रेंड डे होता है. हर लड़के की जिंदगी में गर्लफ्रेंड बेहद खास और करीब इंसान होती है. जिससे दिल की बातों से लेकर प्यार जताने तक सब बाते शेयर करता है. लड़के गर्लफ्रेंड से प्यार जताने के लिए हर दिन अलग-अलग तरीके भी अपनाते हैं. उसमें से एक तरीका गाना भी हो सकता है. हिंदी सिनेमा की फिल्मों में हीरो अक्सर अपनी गर्लफ्रेंड से प्यार जताने के लिए गाने का सहारा लेता आया है. आज हम आपको 61 साल पुराने एक गाने से रूबरू करवाने वाले हैं, जो प्यार करने वालों के बीच में आज भी पुराना नहीं हुआ है.
61 साल पुराना गाना
हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर के गाने आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं. उनमें से एक है मुकेश का मशहूर गाना 'चांद सी महबूबा हो मेरी'. यह गाना 61 साल पहले फिल्म 'हिमालय की गोद में' के लिए रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन आज भी इसकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है. यह गाना 1965 में आई फिल्म में मनोज कुमार और माला सिन्हा पर फिल्माया गया था. संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी ने इसकी धुन बनाई और आनंद बख्शी ने बोल लिखे.
शांत और सुकून पहुंचाने वाला गाना
मुकेश की मधुर आवाज ने इसे और खास बना दिया. गाने की शुरुआती लाइन्स 'चांद सी महबूबा हो मेरी', कब ऐसा मैंने सोचा था' आज भी याद की जाती है. इसमें प्यार की सादगी और भावनाओं को खूबसूरती से पेश किया गया है. उस समय के गाने बिना ऑटोट्यून के रिकॉर्ड होते थे. इसलिए उनकी आवाज और भावनाएं आज भी सीधे दिल तक पहुंचती हैं. 'चांद सी महबूबा हो मेरी' को मुकेश के सबसे पसंदीदा रोमांटिक गानों में गिना जाता है. इसके बोल और धुन दोनों ही शांत और सुकून देने वाले हैं. कई लोग इसे अपनी पत्नी या गर्लफ्रेंड को सुनाते हैं, क्योंकि इसकी हर लाइन भावुक कर देती है.
फिल्म 'हिमालय की गोद में' के निर्देशक विजय भट्ट थे. इसमें मनोज कुमार और माला सिन्हा मुख्य भूमिका में थे. शशिकला ने भी अहम किरदार निभाया. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही और 1965 के दशक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हुई.
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