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गोलू गुप्ता के लिए आसान नहीं था मिर्जापुर का सफर, धांय धांय गोलियों और सांय सांय गालियों में यूं बनीं धुरंधर

मिर्जापुर मूवी 4 सितंबर को रिलीज होने जा रही है. सीरीज की गोलू गुप्ता मूवी में भी नजर आएंगी. गोलू ने खुद ही बताया कि कैसे उन्हें इसके लिए गालियों से लेकर गोलियों तक में हाथ साफ करना पड़ा.

गोलू गुप्ता के लिए आसान नहीं था मिर्जापुर का सफर, धांय धांय गोलियों और सांय सांय गालियों में यूं बनीं धुरंधर
मिर्जापुर में गोलू गुप्ता ने यूं तय किया गोलियों से गालियों तक का सफर
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नई दिल्ली:

मिर्जापुर सीरीज के रूप में धमाल मचाने के बाद अब फिल्म के रूप में दर्शकों के बीच में आ रही है. यह फिल्म 4 सितंबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. इस फिल्म में ज्यादातर पुरानी कास्ट रिपीट हुई है. इस बार कुछ नए चेहरे भी दिखाई दिए हैं. जिनमें सोनल चौहान, रवि किशन जैसे नाम शामिल हैं. यह एक्शन क्राइम थ्रिलर है. फिल्म में श्वेता त्रिपाठी भी अहम किरदार में नजर आने वाली हैं. पिछले मिर्जापुर सीजन में एक्ट्रेस गजगामिनी गुप्ता उर्फ गोलू गुप्ता के किरदार में नजर आ चुकी हैं. श्वेता ने एनडीटीवी से बात करते हुए अपने पुराने दिनों को याद किया और अपने किरदार को लेकर भी काफी कुछ बताया.

मिर्जापुर मूवी को लेकर श्वेता त्रिपाठी ने बताया, 'मुझे हमेशा से एक ऐसा कैरेक्टर करना था, जो मुझसे और पूरी अलग हो. जब मैंने यह स्क्रिप्ट पढ़ी, तब मुझे समझ में आया कि मुझे इस दुनिया का हिस्सा होना ही है क्योंकि सीरीज के जो लेखक हैं, उन्होंने बहुत ही अच्छे तरीके से लिखी थी. फिल्म के डायरेक्टर बहुत ही शानदार इंसान हैं. उनके साथ अगर काम नहीं करती तो यह तो बहुत गलत होता. मैंने अपने किरदार 'गजगामिनी' के लिए बहुत ट्रेनिंग ली थी क्योंकि बंदूक उठाना आसान नहीं होता. उसके लिए आपको फिजिकल के साथ-साथ मेंटल फिट भी होना बहुत जरूरी है. मैंने शो में गालियां भी दी हैं. मुझे पूरे इमोशंस के साथ बंदूक चलाना पड़ा था.

श्वेता त्रिपाठी ने आगे बताया कि 'मैंने इंस्टाग्राम पर भी इसे लेकर वीडियो शेयर किया था. मेरा मानना था कि अगर मेरा 'गजगामिनी' का किरदार है तो वह दर्शकों को बिल्कुल रियलिस्टिक तरीके से दिखाई दे. आज मेरे किरदार की वजह से मेरे विचार और बाकी सब चीजों में बहुत बदलाव आया. अगर मैं अपने खुद के बारे में कहूं तो मैं बहुत ही हंसमुख लड़की हूं. जहां प्यार, सम्मान और क्रिएटिविटी होती है, वहां मैं होती हूं. गजगामिनी का भी जीवन अलग होता, अगर फर्स्ट सीजन के क्लाइमैक्स में कुछ अलग होता. जो उसके साथ हुआ, भगवान किसी के साथ ना करे क्योंकि वह जीवन मजे करने का नहीं होता, जब आप बंदूक उठाते हो और आपके अंदर बदला भरा होता है. कोई भी बुरा पैदा नहीं होता, बस हालात ऐसे होते हैं. जो आपको कड़वा बना देते हैं.

श्वेता त्रिपाठी ने आगे कहा कि मैं पंकज त्रिपाठी को सीनियर त्रिपाठी कहकर बुलाती हूं. फिल्म में जितने भी कास्ट हैं जैसे हर्षिता गौर, अली फजल सभी बहुत ही शानदार कलाकार हैं. उनके साथ सेट पर और सेट के बाहर हर जगह चिल करने पर मजा आता है. जब लॉकडाउन में सीजन 2 आया था, तब हमने यह सब चीज बहुत मिस की थीं. जब आप एक दूसरे से मिलते हैं तो गले मिलते हो, वो इमोशंस आते हैं तो उसकी बात ही अलग होती है. मैं अली फजल को पिछले 13 साल से जानती हूं. विजय के साथ मैं पहले ही एक प्रोजेक्ट कर चुकी हूं. सबके साथ मेरी बहुत कहानियां हैं.

अगर एक्ट्रेस के वर्क फ्रंट की बात करें तो उन्होंने साल 2009 में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. जहां वह शो 'क्या मस्त है लाइफ' में नजर आई. एक्ट्रेस ने शुरुआती दौर में काफी छोटे-छोटे रोल से अपने करियर की शुरुआत की थी. साल 2011 में आई फिल्म तृष्णा में भी नजर आई. जिसके बाद वह उसी साल शॉर्ट फिल्म सुजाता में दिखाई दीं. एक्ट्रेस साल 2015 में आई फिल्म मसान में भी नजर आई. इसके लिए उनको बेस्ट सपोर्टिंग का एक्ट्रेस का अवार्ड मिला. इसके बाद श्वेता हरामखोर, रात अकेली है, रश्मि रॉकेट जैसे तमाम प्रोजेक्ट में नजर आई. एक्ट्रेस के फैंस उनकी आने वाली फिल्म मिर्जापुर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और यह देखने के लिए बेताब हैं कि श्वेता इस फिल्म में नया क्या करते हुए दिखाई देंगी. अब आने वाले समय में पता चलेगा कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ कमाल कर पाती है या नहीं.

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