आज के जमाने में किसी की बॉडी पर गंदे-भद्दे कमेंट करना काफी बुरा माना जाता है. इस बॉडी शेम कहा जाता है. लेकिन एक समय ऐसा था जब हिंदी सिनेमा में छोटी हाइट से लेकर लंबी हाइड वालों तक पर कई फनी गाने बने हैं. 43 साल पहले एक गाना रिलीज हुआ था, जो 80 के दशक का हिट और पॉपुलर गाना बना. आज के समय में गाना सुनने के बाद Gen-Z इसे बॉडी शेमिंग कह सकते हैं. इस गाने का नाम 'लंबूजी लंबूजी बोलो टिंगूजी' है.
कद के फर्क पर हल्का-फुल्का मजाक
1983 में जब अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर स्क्रीन पर 'लंबूजी लंबूजी बोलो टिंगूजी' गा रहे थे, तो हॉल तालियों से गूंज उठते थे. मनमोहन देसाई की फिल्म 'कुली' का ये गाना कद के फर्क पर हल्का-फुल्का मजाक करता था. यह मजाक लंबे इकबाल (अमिताभ) और छोटे सन्नी (ऋषि) के बीच होता है. आनंद बक्शी के बोल, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का म्यूजिक और शब्बीर कुमार-शैलेंद्र सिंह की आवाज ने 'लंबूजी लंबूजी बोलो टिंगूजी' गाने को यादगार बना दिया.
शब्बीर कुमार बने बिग बी की आवाज
'कुली' में अमिताभ रेलवे कुली इकबाल की भूमिका में हैं, जबकि ऋषि कपूर उनके भाई सन्नी. गाने में दोनों एक लड़की (शोमा आनंद) को लेकर हल्की प्रतिस्पर्धा करते हैं. बोल साफ हैं-'मद्रास से मैं आया हूं बॉम्बे, रस्ते में हो गए तुम कितने लंबे… लंबी उड़ाने कद कितना छोटा.' ये तंज था, लेकिन कॉमेडी और केमिस्ट्री से भरा. शब्बीर कुमार की आवाज अमिताभ के लिए नई थी, और यह उनकी पहली फिल्म थी जिसमें उन्होंने बिग बी के लिए गाया.
'कुली' फिल्म करीब 3.5 करोड़ में बनी और लगभग 18-21 करोड़ की कमाई के साथ 1983 की सबसे बड़ी हिट साबित हुई. अमिताभ, वहीदा रहमान, रति अग्निहोत्री, कादर खान, सुरेश ओबेरॉय जैसी स्टारकास्ट ने मसाला फॉर्मूला को पूरा किया.
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