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Bhojpuri Chhath Geet 2026: छठ पर मायके जाने की चाहत पर बना भोजपुरी गाना वायरल, अंकुश-शिवानी के 'छठ करे नइहर जाईब' की यूट्यूब पर धूम

Bhojpuri Gaana: अंकुश राजा और शिवानी सिंह का भोजपुरी छठ गीत 'छठ करे नइहर जाईब' रिलीज होते ही यूट्यूब पर ट्रेंडिंग में आ गया है. लोकजीवन और पारिवारिक रिश्तों की झलक.

Bhojpuri Chhath Geet 2026: छठ पर मायके जाने की चाहत पर बना भोजपुरी गाना वायरल, अंकुश-शिवानी के 'छठ करे नइहर जाईब' की यूट्यूब पर धूम
Bhojpuri Chhath Geet 2026: अंकुश राजा का भोजपुरी छठ गीत 2026 यूट्यूब पर ट्रेंडिंग
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Bhojpuri Chhath Geet 2026: छठ पूजा नजदीक आते ही भोजपुरी संगीत की दुनिया में छठ गीतों की गूंज तेज होने लगती है. इसी बीच अंकुश राजा और शिवानी सिंह का नया गाना 'छठ करे नइहर जाईब' दर्शकों का ध्यान खींच रहा है. छठ पूजा, परिवार और मायके से जुड़े भावनात्मक पहलू के कारण इस गाने को लेकर दिलचस्पी देखी जा रही है. छठ पूजा बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और देश के कई हिस्सों में रहने वाले भोजपुरी भाषी परिवारों के लिए बेहद खास त्योहार है. इस पर्व में पूजा-पाठ के साथ परिवार, परंपरा और घर लौटने की भावनाएं भी जुड़ी होती हैं. यही वजह है कि छठ के मौके पर ऐसे गीतों की मांग बढ़ जाती है, जिनमें लोकजीवन और पारिवारिक रिश्तों की झलक दिखाई देती है. इस गाने को लेकर यूट्यूब पर अंकुश राजा की जमकर तारीफ हो रही है.

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'छठ करे नइहर जाईब' का शीर्षक भी मायके जाने की इच्छा को सामने रखता है. भोजपुरी समाज में 'नइहर' यानी मायका शब्द का भावनात्मक महत्व है. शादी के बाद मायके लौटने की खुशी, परिवार के साथ त्योहार मनाने की चाहत और बचपन की यादें ऐसे विषय हैं, जिनसे बड़ी संख्या में लोग जुड़ाव महसूस करते हैं.

अंकुश राजा और शिवानी सिंह की आवाज

इस गाने को अंकुश राजा और शिवानी सिंह ने गाया है. इसका म्यूजिक एडीआर आनंद ने तैयार किया है. यह गीत 2026 के छठ सीजन को ध्यान में रखकर रिलीज किया गया है. भोजपुरी संगीत में त्योहारों पर आधारित गानों की अपनी अलग पहचान है. छठ गीतों में जहां सूर्य उपासना और छठी मइया की आराधना प्रमुख रहती है, वहीं कई गीत परिवार और सामाजिक परंपराओं को भी केंद्र में रखते हैं.

छठ 2026 कब है?

छठ पूजा 2026 का महापर्व 13 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक मनाया जाएगा. लोक आस्था के पर्व की शुरुआत 13 नवंबर को नहाय-खाय से होगी, जबकि 14 नवंबर को खरना मनाया जाएगा. 15 नवंबर को व्रती डूबते हुए सूर्य को संध्या अर्घ्य अर्पित करेंगे और 16 नवंबर को उगते सूर्य को उषा अर्घ्य देने के साथ व्रत का पारण किया जाएगा. छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का पर्व है, जो विशेष रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. यह पर्व परिवार की सुख-समृद्धि, संतानों के कल्याण और स्वास्थ्य की कामना के लिए रखा जाता है.

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