भारत के मीडिया और मनोरंजन उद्योग के प्रमुख सम्मेलनों में शामिल फिक्की फ्रेम्स अपने 26वें संस्करण के साथ वापसी करने जा रहा है. यह दो दिवसीय सम्मेलन 29 और 30 सितंबर 2026 को मुंबई के ग्रैंड हयात में आयोजित होगा. इस साल सम्मेलन की थीम ‘इंडियाज मीडिया मोमेंट: क्रिएटिंग वैल्यू इन एन एज ऑफ इनफिनिट कंटेंट' रखी गई है. इसमें फिल्म, टेलीविजन, ओटीटी, खेल, गेमिंग, प्रत्यक्ष कार्यक्रमों और रचनाकारों की अर्थव्यवस्था समेत मनोरंजन उद्योग के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे बदलावों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा होगी.
कई बड़े नाम लेंगे हिस्सा
फिक्की फ्रेम्स 2026 में फिल्म और मनोरंजन जगत के कई बड़े नाम हिस्सा लेंगे. इनमें अजय देवगन, आयुष्मान खुराना, राजकुमार राव, रूपाली गांगुली, रवि किशन, सुनीता राजवर और रणवीर बरार शामिल हैं. इसके अलावा फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर, शूजित सरकार और रिची मेहता भी सम्मेलन का हिस्सा होंगे.
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका और फिक्की मीडिया एवं मनोरंजन समिति के अध्यक्ष तथा जियोस्टार के मनोरंजन विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केविन वाज़ संबोधित करेंगे. फिक्की फ्रेम्स के राजदूत आयुष्मान खुराना भी इस मौके पर अपने विचार रखेंगे.
‘दृश्यम' पर होगी खास बातचीत
इस बार सम्मेलन में ‘दृश्यम' फिल्म श्रृंखला पर विशेष बातचीत भी होगी. इसमें अजय देवगन के साथ निर्देशक अभिषेक पाठक, पैनोरमा स्टूडियोज के कुमार मंगत पाठक और जियोस्टार के आलोक जैन शामिल होंगे. वहीं, भारतीय सिनेमा की अगली पीढ़ी पर अभिनेता राजकुमार राव और निर्माता-निर्देशक दिनेश विजान के बीच बातचीत होगी. इसके साथ ही अमेजन प्राइम वीडियो की श्रृंखला ‘दुपहिया 2' का एक एपिसोड भी दिखाया जाएगा.
फिक्की फ्रेम्स में मनोरंजन उद्योग के कारोबार और बदलती मीडिया अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक चर्चा होगी. इसमें जियोस्टार के केविन वाज़, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत गोयनका, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बनर्जी, एनडीटीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रधान संपादक राहुल कंवल, जियोस्टार के खेल विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ईशान चटर्जी, अमेजन प्राइम वीडियो के एशिया प्रशांत तथा ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड क्षेत्र के उपाध्यक्ष और प्रमुख गौरव गांधी, वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक अर्जुन नोहवार, आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजोग गुप्ता और मेटा इंडिया के प्रबंध निदेशक अरुण श्रीनिवास जैसे दिग्गज शामिल होंगे.
इसके अलावा निर्माता एकता कपूर, विपुल शाह और गुनीत मोंगा, स्टूडियो प्रमुख अपूर्व मेहता, सामग्री निर्माता दीपक धर तथा स्ट्रीमिंग उद्योग से मोनिका शेरगिल और निखिल माधोक भी सम्मेलन में मौजूद रहेंगे.
फिक्की फ्रेम्स पिछले 25 वर्षों खास मंच
फिक्की फ्रेम्स पिछले 25 वर्षों से भारत के मीडिया और मनोरंजन उद्योग के विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा का मंच रहा है. इसकी शुरुआत से ही इसमें उद्योग को औपचारिक दर्जा देने, संस्थागत वित्त, डिजिटलीकरण, अवैध नकल पर रोक, एवीजीसी-एक्सआर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कॉपीराइट जैसे विषयों पर चर्चा होती रही है.
सम्मेलन से जुड़ी फिक्की-ईवाई मीडिया एवं मनोरंजन रिपोर्ट को उद्योग, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ माना जाता है. वहीं, 2004 में शुरू हुए बेस्ट एनिमेटेड फ्रेम्स पुरस्कार के जरिए एनीमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सआर के क्षेत्र में प्रतिभाओं को पहचान दी जाती है. 2015 में शुरू हुए फ्रेम योर आइडिया के जरिए अब तक उभरते लेखकों और निर्माताओं या मंचों के बीच 5,000 से ज्यादा नियोजित बैठकें कराई जा चुकी हैं.
27.5 लाख लोग रोजगार से जुड़े
मार्च 2026 में जारी फिक्की-ईवाई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र 2025 में 9 फीसदी बढ़कर 2.78 लाख करोड़ रुपये का हो गया. इस क्षेत्र में सीधे तौर पर करीब 27.5 लाख लोग रोजगार से जुड़े हैं. रिपोर्ट में 2028 तक इस क्षेत्र के 3.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है.
फिक्की मीडिया एवं मनोरंजन समिति के अध्यक्ष केविन वाज़ के मुताबिक, दर्शकों के अलग-अलग पर्दों पर सामग्री देखने के तरीके में तेजी से बदलाव आ रहा है और फिक्की फ्रेम्स रचनाकारों, कारोबार जगत के प्रमुख लोगों और उद्योग से जुड़े लोगों को इन बदलावों पर अलग-अलग नजरिए से चर्चा करने का मंच देता है.
दो दिनों के इस सम्मेलन में तकनीक, मंचों की कारोबारी अर्थव्यवस्था और दर्शकों के बदलते व्यवहार के बीच सामग्री की अर्थव्यवस्था, सीधे खेल प्रसारण, स्ट्रीमिंग और पारंपरिक टेलीविजन के बदलते संबंध तथा सामग्री से कमाई के नए तरीकों जैसे विषय प्रमुखता से चर्चा में रहेंगे. सम्मेलन का उद्देश्य रचनाकारों, नीति-निर्माताओं और निवेशकों को एक मंच पर लाकर भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था के अगले चरण पर विचार करना है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं