हिंदी सिनेमा में आज के दौर की बात करें तो गाने बनते हैं, पॉपुलर होते हैं लेकिन कुछ समय बाद लोग उनको भूल जाते हैं. लेकिन बात करें पुराने गानों की तो उनकी खासियत होती थी कि उनको सुनते ही कई सालों पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं. पुराने गानों के बोल और संगीत ऐसे होते थे कि उसकी कहानी सीधे दिल तक पहुंच जाती थी. हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वो है साल 1955 में आई फिल्म 'सीमा' का, जिसमें नूतन नजर आई थीं. इस गाने को रिलीज हुए 71 साल हो गए हैं, लेकिन इस गाने की सादगी और भावनाएं आज बी लोगों को अपनी ओर खींच लेती हैं.
कौन सा गाना था
साल 1955 में आई फिल्म 'सीमा' का निर्देशन अमिया चक्रवर्ती ने किया था. इस फिल्म का गाना 'सुनो छोटी सी गुड़िया की लंबी कहानी' जिसमें नूतन बच्चों को कहानी सुनाती नजर आ रही हैं. इस गाने का हर बोल लोगों को खुद से जोड़े रहता है. आज इस गाने को रिलीज हुए 71 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी जब ये गाना बजता है तो लोग इस कहानी में खो जाते हैं.
लता मंगेशकर की आवाज, हसरत जयपुरी के बोल
इस गाने में नूतन नजर आई थीं. इस गाने के बोल हसरत जयपुरी ने लिखे थे और गाने का संगीत शंकर-जयकिशन की जोड़ी ने तैयार किया था. 'सीमा' फिल्म में नूतन ने गौरी का रोल प्ले किया था. नूतन के साथ इस फिल्म में बलराज साहनी लीड रोल में नजर आए थे.
एक छोटी सी गुड़िया और उसकी लंबी कहानी
गाने की बात करें तो इसकी शुरुआत होते ही आप इस गाने से बंध जाते हैं. इसमें नूतन 'छोटी सी गुड़िया' के बहाने बच्चों को एक ऐसी लड़की की कहानी बताती हैं, जिसकी जिंदगी में खुशियों से ज्यादा दुख रहे. हसरत जयपुरी ने अपने सुंदर शब्दों से गुड़िया के दर्द को शब्दों का रुप देकर बहुत ही बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर कोई भी उसके दर्द को समझ सकता है.
लता की आवाज ने बढ़ाया असर
बता दें कि फिल्म सीमा के इस गाने के दो साउंडट्रैक मिलते हैं. जिसमें एक दुखी वर्जन है और दूसरा हैप्पी वर्जन. इन दोनों ही भावों को लता जी ने अपनी सुरीली आवाज से सजाया है.
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