बॉलीवुड में आज के दौर में कई फिल्मों की शूटिंग विदेशों में होती है. लेकिन हिंदी सिनेमा में एक दौर ऐसा भी थी जब फिल्मों की शूटिंग दूसरे देश में होना बहुत बड़ी बात मानी जाती थी. आज हम एक ऐसी ही फिल्म और उसके गाने के बारे में बात करेंगे. 60 साल पहुले आई इस फिल्म और उसके गाने की खासियत थी विदेशी लोकेशन. राज कपूर की फिल्म संगम (1964) के बाद ये विदेशों में शूट होने वाली दूसरी और जापान में शूट होने वाली पहली हिंदी फिल्म थी.
जापान की खूबसूरत लोकेशन पर फिल्माया गया था गाना
हम बात कर रहे हैं साल 1966 में आई फिल्म 'लव इन टोक्यो' की, इस फिल्म का गाना 'सायोनारा सायोनारा' जिसको सुनते ही हिंदी सिनेमा की रंगीन दुनिया आंखों के सामने आ जीत है. गाने की विदेशी लोकेशन, खूबसूरत नजारे और आशा पारेख के दिलकश अंदाज ने इस गाने को और भी खूबसूरत बना दिया. गाने में आशा पारेख के साथ जॉय मुखर्जी भी नजर आए थे. गाने को बोल हसरत जयपुरी ने लिखे थे और इसका संगीत शंकर जयकिशन ने तैयार किया था. इस गाने को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी. गाने के बोल इस प्रकार हैं-
सायोनारा सायोनारा
वादा निभाऊँगी सायोनारा
इठलाती और बलखाती कल फिर आऊँगी सायोनारा
सायोनारा सायोनारा
छोड़ दे मेरी बाँहों को
रोक ना मेरी राहों को
इतनी भी बेताबी क्या
समझ अपनी निगाहों को
सायोनारा सायोनारा
गाने की खासियत
गाने में आशा पारेख जापानी डॉल बनी थी और उन्होंने जापान की पारंपरिक ड्रेस किमोनो पहन रखी है. जापान पर शूट हुई इस फिल्म ने भारतीय दर्शकों को एक अलग ही दुनिया से रूबरू कराया. करीब छह दशक बाद भी यह गाना पुराने हिंदी फिल्मी संगीत के चाहने वालों के बीच खास जगह रखता है. यही वजह है कि 60 साल पुराना ये गाना आज भी लोगों की पसंद आता है.
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'सायोनारा सायोनारा' गाने की खासियत सिर्फ इसकी धुन नहीं, बल्कि फिल्म में दिखाया गया जापान भी था. फिल्म में टोक्यो, उएनो, गिन्जा और टोक्यो टावर जैसी जगहें नजर आई थीं. हालांकि, सायोनारा की शूटिंग खास तौर पर हिबिया पार्क में हुई थी. गाने को आशा पारेख और जॉय मुखर्जी की केमिस्ट्री ने और भी खास बना दिया. फिल्म का निर्देशन प्रमोद चक्रवर्ती ने किया था, जबकि इसकी कहानी सचिन भौमिक ने लिखी थी.
फिल्म की कहानी और कलाकार भी थे खास
फिल्म 'लव इन टोक्यो' की बात करें तो ये फिल्म साल 1966 में रिलीज हुई एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म थी. मूवी में जॉय मुखर्जी ने अशोक और आशा पारेख ने आशा का रोल प्ले किया था. फिल्म की कहानी में अशोक अपने अनाथ भतीजे चीकू को लेने टोक्यो जाता है. जहां पर वो आशा से मिलता है, जो अपनी मर्जी के खिलाफ होने वाली शादी से बचना चाहती है. इसी तरह से फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है. फिल्म में आशा पारेख, जॉय मुखर्जी के साथ महमूद, प्राण, ललिता पवार, शोभा खोटे और मदन पुरी जैसे कलाकारों ने भी काम किया था.
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