किशोर कुमार ने अपने संगीत के करियर में एक से बड़े एक और सुपरहिट गाने दिए हैं. लेकिन उनके करियर का एक सुपरहिट गाना है जिसको सुनने के बाद वो नाराज हो गए थे. लेकिन बाद ने इसी गाने ने कमाल कर दिखाया. तो चलिए बताते हैं आपको वो मजेदार किस्सा जिसने किशोर कुमार को नाराज कर दिया. बात करें हिंदी सिनेमा की को इसमें फिल्मी गानों को ज्यादा लंबा नहीं बल्कि 3-4 मिनट का ही रखा जाता था. लेकिन 44 साल पहले एक ऐसा गाना आया, जिसने गानों की लंबाई वाली सोच को उलट कर रख दिया. गाने को सुनने के बाद उन्होंने बोला था कि ये कहानी है कोई गाना नहीं. हालांकि ये गाना इतना फेमस हुआ कि ये न सिर्फ किशोर कुमार बल्कि इस गाने के एक्टर को भी एक अलग पहचान दिलाई.
'ये गाना है या कहानी?' नाराज हुए किशोर कुमार
हम बात कर रहे हैं साल 1982 मे आई फिल्म नमक हलाल की . फिल्म का संगीत बप्पी लाहिड़ी ने तैयार किया था और इसके गाने समीर अंजान ने लिखे थे. बप्पी जी ने इस फिल्म के गानों के साथ कुछ एक्सपेरिमेंट किए और किशोर कुमार को यकीन दिलाया कि ये उनकी आवाज के साथ जाएंगे. फिल्म में कुल 5 गाने थें और ये सभी सुपरहिट हुए. फिल्म का एक गाना था जो 'पग घुंघरू बांध' की. इस गाने की लंबाई लगभग 11 मिनट 40 सेकंड है. सारेगामा म्यूजिक के ऑफिशियल वीडियो में गाने की लंबाई इतनी है जिसमें अमिताभ का डायलॉग भी शामिल है.
इस गाने को बप्पी लाहिड़ी ने अपने मामा किशोर कुमार की आवाज में रिकॉर्ड कराया था. लेकिन जब पहली बार किशोर दा ने इसे सुना तो इसकी लंबाई देखकर नाराज हो गए. बप्पी लाहिड़ी ने 2019 में एक इंटरव्यू में इस किस्से को याद करते हुए बताया था कि किशोर कुमार ने पूछा था कि आखिर ये गाना है या कहानी?
बप्पी दा का एक्सपेरिमेंट, किशोर की आवाज ने बनाया कमाल
पहले किशोर कुमार गाने को सुनकर नाराजा होते हैं, लेकिन उन्होंने इस गाने को गाया, जिसके लिए 1983 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में उन्हें बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला. इस गाने के बोल, संगीत, किशोर दा की आवाज और अमिताभ की एक्टिंग ने इस गाने को ऐसा सजाया कि ये गाना आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल रहता है. फिल्म में इसके अलावा 'रात बाकी बात बाकी', 'आज रपट जाएं तो' और 'जवानी जानेमन', 'थोड़ी सी जो पी ली है' जैसे गाने शामिल थे.
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पग घुंघरू गाने को डिस्को बीट्स के साथ सरगम के साथ गाया गया, जिसमें किशोर कुमार को दिक्कत हो रही थी, लेकिन बप्पी दा ने उनको भरोसा दिलाया कि ये एक्सपेरिमेंट उनकी आवाज के साथ फिट बैठेगा. उनकी ये बात सही साबित हुई.
'नमक हलाल' की कहानी में भी हैं कई दिलचस्प किस्से
प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, स्मिता पाटिल, परवीन बाबी और वहीदा रहमान जैसे कलाकार थे. फिल्म 1982 की सक्सेसफुल फिल्मों में शामिल रही. इस फिल्म को उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म में गिना जाता है. इसके साथ ही फिल्म में अमिताभ बच्चन का 'I can talk English, I can walk English…' वाला सीन भी फिल्म की पहचान बन गया.
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