हिंदी सिनेमा के 90 के दौर की बात करें तो उस समय पर आने वाली फिल्में और उसके गाने लोगों की जुबान पर आज भी बने हुए हैं. किसी भी गाने को यादगार बनाने के पीछे उसके बोल, संगीत और आवाज तीनों का अहम किरदार होता है. आज हम आपको हिंदी सिनेमा के एक ऐसे ही गीतकार के बारे में बताएंगे जिन्होंने अपने करियर में हजारों गाने लिखे हैं और आज भी लिख रहे हैं. लेकिन आप सोच सकते हैं कि कोई ऐसा गीतकार को 24 घंटे यानि 1 दिन में 27 गाने लिख दे? सुनकर हैरानी हो रही होगी...लेकिन आज हम आपको एक ऐसे ही गीतकार के बारे में बताएंगे जिन्होंने इस तरह के कई कामों को अंजाम दिया है.
हम जिस गीतकार की बात कर रहे हैं उन्होंने 90 और 2000 के दशक में अपने द्वारा लिखे गानों से बॉलीवुड म्यूजिक को एक अलग ही पहचान दिलाई. कई फिल्मों के साउंडट्रैक से लेकर के सिंगल गानों तक उनके गानों को लोग आज भी पसंद करते हैं.
एक दिन में लिखे 27 गाने
कुछ कुछ होता है, परदेसी परदेसी जाना नहीं और सोना कितना सोना है जैसे गाने आज भी आप गुनगुनाते होंगे. क्या आप जानते हैं कि इन सदाबहार गानों को लिखने के पीछे जो शख्स है उनका नाम है समीर अंजान. बॉलीवुड के वो गीतकार जिनके पास एक समय पर काम नहीं था, लेकिन ऊपर वाला जब देता है छप्पर फाड़कर देता है. यही हुआ उनके साथ. एक इंटरव्यू में समीर अंजान ने खुद बताया कि उनको जब काम मिलना शुरू हुआ तो ऐसा कि उनको एक दिन में 27 गाने लिख दिए थे.
समीर अंजान ने शुभांकर मिश्रा के पोडकॉस्ट में बात करते हुए बताया कि उन्होंने एक दिन में 27 गाने लिखे थे. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि करीब 10-15 साल तक उन्होंने तीन घंटे से ज्यादा नींद नहीं ली और 24 घंटे उनकी जिंदगी का मकसद गाने लिखना था. बता दें कि समीर अंजान के नाम बॉलीवुड के सबसे ज्यादा फिल्मी गाने लिखने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में उनका नाम भी दर्ज है. इस रिकॉर्ड के मुताबिक, 15 दिसंबर 2015 तक उन्होंने 3,524 अलग-अलग गाने लिखे थे, जो करीब 650 बॉलीवुड फिल्मों मे लिए गए थे.
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आशिकी से बदली पहचान, फिर लिखे कई यादगार गीत
समीर अंजान के करियर को जिस गाने ने पहचान दिलाई वो था फिल्म आशिका का गाना नजर के 'सामने-जिगर के पास', इस गाने के लिए उनको फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. इसके बाद तेरी उम्मीद तेरा इंतजार, हम है राही प्यार के और घूंघट की आड़ से दिलबर का जैसे गीतों ने उनकी पहचान को और मजबूती दी. समीर अंजान ने फिल्म बेखबर से अपने करियर के तौर पर शुरुआत की थी. वो मशहूर गीतकार अंजान के बेटे हैं और शुरुआती दौर में उन्होंने बैंक की नौकरी भी की थी, लेकिन बाद में फिल्मों के लिए गाना लिखने को अपना करियर बनाया.
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