साल 1982 में बड़े पर्दे पर एक ऐसी फिल्म आई थी, जिसमें एक से बढ़कर एक दिग्गज कलाकार थे और कहानी के साथ-साथ इसके गाने भी खूब पसंद किए गए. फिल्म थी 'विधाता', जिसे सुभाष घई ने डायरेक्ट किया था. इसी फिल्म का एक गाना आज भी अपने मस्ती भरे अंदाज और एनर्जेटिक बीट्स की वजह से याद किया जाता है. आशा भोसले की दमदार आवाज, आनंद बख्शी के चुलबुले बोल और कल्याणजी-आनंदजी का संगीत इस गाने को खास बना देता है. गाने में पद्मिनी कोल्हापुरे का डांस और संजय दत्त की मौजूदगी भी इसे 80 के दशक के यादगार फिल्मी गानों में शामिल करती है. 3 दिसंबर 1982 को रिलीज हुई 'विधाता' उस दौर की बड़ी कामयाब फिल्मों में गिनी गई थी.
आशा भोसले की आवाज ने गाने में भर दी मस्ती
फिल्म विधाता का गाना 'उड़ी बाबा' जिसके बोल थे
"उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
नशा यह कैसा उडी बाबा
मुझे हो गया उडी बाबा
नशा यह कैसा मुझे हो गया
दिल मेरा खो गया"
इस गाने की सबसे खास बात थी कि इसकी शुरूआत होते ही पैर अपने आप थिरकने लगते हैं. गाने में आशा भोसले की आवाज का वही चुलबुला और एनर्जेटिक अंदाज सुनने को मिलता है, जिसके लिए वह जानी जाती हैं. इस गाने का संगीत कल्याणजी-आनंदजी ने कंपोज किया था और इस मस्तीभरे गाने के बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे. 6 मिनट 23 सेकंड के इस गाने में व्हाइट ड्रेस पहने पद्मिनी कोल्हापुरी ने डांस किया, जो दर्शकों को बेहद पसंद आया था.
गाने के बोल और धुन दोनों ऐसे हैं कि सुनते ही माहौल में मस्ती का रंग घुल जाता है. यही वजह है कि चार दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद भी यह गाना पुराने हिंदी सिनेमा के फैंस की प्लेलिस्ट में सुनाई दे जाता है.
पद्मिनी कोल्हापुरे और संजय दत्त की जोड़ी ने जीता दिल
'उड़ी बाबा' को लेकर आज भी जब बात होती है तो पद्मिनी कोल्हापुरे के डांस और संजय दत्त की स्क्रीन प्रेजेंस का जिक्र जरूर आता है. 1982 की इस फिल्म में दोनों के अलावा दिलीप कुमार, संजीव कुमार, शम्मी कपूर, सारिका, अमरीश पुरी और सुरेश ओबेरॉय जैसे कलाकार भी नजर आए थे. फिल्म का निर्देशन सुभाष घई ने किया था और ये एक ब्लॉकबस्टर फिल्म थी.
दिलचस्प बात यह है कि 'विधाता' का म्यूजिक एल्बम भी काफी बड़ा था. इसमें 'उड़ी बाबा' के अलावा 'सात सहेलियां', 'प्यार का इम्तिहान', 'ओ साथिया' और 'हाथों की चांद लकीरों का' जैसे गाने शामिल थे. जिसमें 'उड़ी बाबा' और 'प्यार का इम्तिहान' दोनों गानों को आशा भोसले की आवाज में दर्ज किया गया है.
बॉक्स ऑफिस पर भी 'विधाता' ने रचा था इतिहास
'विधाता' सिर्फ गानों के मामले में ही सफल नहीं रही थी, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी इसने जबरदस्त प्रदर्शन किया. इसके बॉक्स ऑफिस पर नजर डालें तो फिल्म का भारत में लाइफटाइम कलेक्शन 8 करोड़ रुपये दर्ज है और ब्लॉकबस्टर फिल्म बनी. 1982 में रिलीज हुई फिल्मों की बात करें तो उनमें 'विधाता' को उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल किया गया है.
फिल्म की सफलता में इसकी दमदार स्टारकास्ट, सुभाष घई का निर्देशन और कल्याणजी-आनंदजी का संगीत अहम हिस्सा रहा. वहीं 'उड़ी बाबा' ने फिल्म के म्यूजिकल फ्लेवर को और रंगीन बना दिया. आज जब 80 के दशक के सदाबहार गानों की बात होती है, तो आशा भोसले की आवाज वाला यह गाना अपनी अलग पहचान के साथ याद आता है.
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