हिंदी फिल्मों में कई नामी शायर हुए. इन्होंने बॉलीवुड फिल्मों में ऐसे कालजयी गीत दिए जो कि अपने दौर से आज तक पसंद किए जाते हैं और खूब सुने जाते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही गाने के बारे में बताने जा रहे हैं. ये गाना 32 साल पहले रिलीज हुई था और आज भी ये 90 के दशक के आशिकों की जुबान पर रहता है. वहीं रीमिक्स और रील के दौर में भी ये सुनने को मिल ही जाता है.
राहत इंदौरी ने लिखे एवरग्रीन बोल
हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वह साल 1994 में आई गोविंदा की फिल्म 'खुद्दार' का है. ये गाना है 'तुमसा कोई प्यारा कोई मासूम नहीं है'. इस गाने के बोल मशहूर उर्दू शायर और लिरिक्स राइटर राहत इंदौरी ने लिखे थे. अपनी दमदार गजलों और शायरी के लिए मशहूर राहत साहब ने गोविंदा के लिए माशूका की तारीफ करता एक ऐसा गाना लिखा जो आज भी प्रासंगिक है. इतना ही नहीं ये गोविंदा के हिट रोमांटिक गानों में से एक माना जाता है.
इस गाने को अनु मलिक ने कम्पोज किया था और इसे गाया कुमार सानू और अल्का याग्निक ने था. 90 के दशक का ये रोमांटिक गाना आज तक म्यूजिक लवर्स की प्ले लिस्ट में शामिल है और यूपी-बिहार के ऑटो में भी खूब धूम से बजा है. बता दें कि 1994 में आई खुद्दार में गोविंदा के साथ करिश्मा कपूर लीड रोल में थे. इकबाल दुर्रानी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में गोविंदा के अलावा कादर खान, शक्ति कपूर, श्रीराम लागू, अंजना मुमताज, राजू श्रेष्ठ, महेश आनंद, विकास आनंद, नवनीत निशान और अनिल धवन लीड अहम किरदारों में थे.
राहत इंदौरी ने गोविंदा के इस गाने के अलावा नींद चुराई मेरी, चोरी चोरी जब नजरें मिलीं, दिल को हजार बार रोका, एन बोले तो, ये रिश्ता क्या कहलाता है, कोई जाए तो ले आए जैसे हिट नंबर्स भी लिखे. उनके शब्दों को संगीत का भी ऐसा साथ मिला कि एक एक गाना आज भी पसंद किया जाता है. इनमें आप अलग अलग तरह की वैरायटी भी देख सकते हैं.
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