बिहार में इस बार का एमएलसी चुनाव महागठबंधन से लेकर एनडीए के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है. महागठबंधन में जहां कांग्रेस और आरजेडी कई सीटों पर आमने-सामने हैं वहीं, एनडीए में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में कलह सामने आ गई है. उनकी पार्टी RLM के तीन विधायक ने खुला विद्रोह कर दिया है. हालांकि, कुशवाहा किसी कलह की संभावना से इनकार कर रहे हैं.
दरअसल, कुशवाहा की पार्टी के तीन विधायक आलोक सिंह, रामेश्वर महतो और माधव आनंद ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपना लिया है. उन्होंने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय कैंडिडेट रामपुकार सिन्हा को समर्थन देने का ऐलान किया है. खास बात ये है कि सिन्हा RLM के प्रवक्ता हैं. इस सीट पर पहले कुशवाहा की पार्टी ने दावा किया था. पर यह सीट जेडीयू के हिस्से में गई है. जेडीयू ने आनंद पुष्कर को यहां से उम्मीदवार बनाया है.
कुशवाहा बोले- कोई कलह नहीं
जब पार्टी के तीन विधायकों के पार्टी लाइन से बाहर जाकर निर्दलीय कैंडिडेट को समर्थन को लेकर कुशवाहा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने किसी प्रकार की कलह की बात से इनकार किया. उन्होंने कहा कि यहां एनडीए का कैंडिडेट खड़ा है और हम सब उसके साथ हैं. मेरी पार्टी में कोई बागी नहीं हुआ है . इस चुनाव में चाहे विपक्ष के लोग हैं या पक्ष के लोग पूरे राजनीतिक वातावरण में नशा घुल गया है. उस नशा में कोई भी मदहोश हो जा रहा है. जेडीयू कैंडिडेट आनंद पुष्कर के लिए वोट मांगते हुए कुशवाहा ने वो एनडीए कैंडिडेट के साथ हैं.
गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव में महागठबंधन में ही दरार पड़ गई है. आरजेडी के 6 सीटों पर कैंडिडेट उतारने के बाद कांग्रेस ने भी 5 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं. ऐसे में चार सीटों पर कांग्रेस और आरजेडी के कैंडिडेट आमने-सामने होंगे. कोसी स्नातक सीट से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक से रजनीकांत पाठक और पटना स्नातक से असदुल्लाह खान कांग्रेस के कैंडिडेट हैं. इन सीटों पर क्रमश: नितेश कुमार, अनिल कुमार झा और दिलीप कुमार आरजेडी के सिंबल पर मैदान में हैं. इसके अलावा पटना शिक्षक सीट पर आरजेडी के डॉ संजीव कुमार सिंह के सामने कांग्रेस के डॉ संजय यादव मैदान में होंगे. यानी चार सीटों पर महागठबंधन के कैंडिडेट ही एक-दूसरे के खिलाफ होंगे.
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