बिहार के आरा में गुरुवार सुबह रिटायर्ड कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना को लेकर गुरुवार को आरा का माहौल गरम रहा. रामकुमार सिंह एक रिटायर्ड अधिकारी के साथ-साथ क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष भी थे. गुरुवार सुबह-सुबह हुई इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने शव के साथ रास्ता जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया. अब इस मामले में नया मोड़ सामने आया है. मृतक की पत्नी की ओर से कई लोगों पर हत्या में संलिप्तता के आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने पत्रकार मनोज सिंह उर्फ मनोज लकी को गिरफ्तार किया है. वहीं, मामले में मुफस्सिल थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
आरा-पटना-बक्सर घंटों तक रहा जाम
बताते चले कि रामकुमार सिंह की गुरुवार सुबह नवादा थाना क्षेत्र के जैन कॉलेज गेट के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों, व्यवसायियों और स्थानीय लोगों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आरा-पटना-बक्सर मुख्य मार्ग को घंटों जाम रखा. प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टेंट-पंडाल लगाकर विरोध जताया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

सड़क किनारे टेंट लगाकर विरोध करते लोग.
पत्नी के आरोपों के बाद पत्रकार की गिरफ्तारी
मृतक की पत्नी ने कई लोगों पर हत्या में संलिप्तता के आरोप लगाए हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके आरोपों में पत्रकार मनोज सिंह, मुफस्सिल थानाध्यक्ष, सदर अंचल अधिकारी तथा चंदन और अमरेंद्र प्रताप नामक व्यक्तियों का उल्लेख है. इन आरोपों के बीच पत्रकार की गिरफ्तारी और थानाध्यक्ष के निलंबन से मामला चर्चा में आ गया है. भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि मनोज लकी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस चरणबद्ध तरीके से छापेमारी कर रही है.
एसपी और डीएम के हस्तक्षेप के बाद हटा जाम
हत्या की सूचना मिलने के बाद एसपी अवधेश दीक्षित घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कराई. उधर, आक्रोशित लोगों ने आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया. स्थिति सामान्य कराने के लिए एसपी और जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की. अधिकारियों के समझाने के बाद जाम समाप्त हुआ और मुख्य मार्ग पर यातायात बहाल कराया गया.

रामकुमार सिंह की हत्या के खिलाफ सड़क पर धरने पर बैठे लोग.
Photo Credit: NDTV
अंचल अधिकारी पर लगे आरोप, डीएम का जवाब मिलना बाकी
मृतक की पत्नी की ओर से सदर अंचल अधिकारी का नाम भी आरोपों में लिए जाने के संबंध में जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया. उन्हें फोन किया गया और व्हाट्सऐप पर संदेश भी भेजा गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला.
रिटायर्ड कमिश्नर को मारी गई थी 8 गोलियां
यह घटना गुरुवार सुबह नवादा थाना क्षेत्र स्थित जैन कॉलेज गेट के समीप हुई थी. कस्टम विभाग के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह (67) की गोली मारकर हत्या कर दी. परिजनों के मुताबिक, अपराधियों ने उन्हें करीब आठ गोलियां मारीं. वारदात के समय उनका बेटा राजेश कुमार भी मौके पर मौजूद था.
राम कुमार सिंह बिहार क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष भी थे. वह बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव निवासी स्व. हरिवंश सिंह के पुत्र थे. वर्ष 2015 में वह भागलपुर में कस्टम विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर पद से सेवानिवृत्त हुए थे.
मॉर्निंग वॉक पर निकलने से पहले की गई फायरिंग
परिजनों के अनुसार, राम कुमार सिंह रोज सुबह अपने बेटे राजेश कुमार के साथ रमना मैदान में टहलने जाते थे. गुरुवार की सुबह भी वह घर से निकलने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान वह गैरेज का गेट बंद कर रहे थे, जबकि उनका बेटा कार में बैठा था. तभी तीन हथियारबंद अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी.
गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े. इसके बाद अपराधी मौके से फरार हो गए. गोलीबारी की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और नवादा थाना पुलिस मौके पर पहुंची. आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
#WATCH भोजपुर, बिहार: सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी राम कुमार सिंह की हत्या के मामले में भोजपुर SP अवधेश दीक्षित ने बताया, "आज महाराजा हाता क्षेत्र में आरा के रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या हुई है। इस मामले में हमने टीम बनाई है और परिजनों से भी मुलाकात की है... इस मामले में हम लोग अलग-अलग टीम बनाकर हत्या के अलग-अलग कारणों पर काम कर रहे हैं। परिजनों ने जिन लोगों पर आरोप लगाया है, उनमें से भी कुछ लोगों को पकड़ा है... हमने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। इसके अलावा अन्य लोगों पर भी छापेमारी चल रही है... अगर पुलिस की तरफ से किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही की गई है तो उसकी भी जांच करके हम उस पर भी कार्रवाई करेंगे..."
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 15, 2026
13 कट्ठा जमीन को लेकर विवाद की आशंका
हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई जा रही है. मृतक के बेटे राजेश कुमार के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र के सिंगही मोड़ के पास उनके पिता ने उनके नाम पर 13 कट्ठा जमीन खरीदी थी. आरोप है कि कुछ लोग उस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे. इस मामले में उनके पिता ने थाने में शिकायत भी की थी.
राजेश कुमार ने दावा किया कि जमीन विवाद को लेकर पहले भी उनके पिता पर जानलेवा हमले किए गए थे. वहीं, मृतक की पत्नी सुशाली देवी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जाली कागजात तैयार कर जमीन पर कब्जा करना चाहते थे. उन्होंने यह भी बताया कि घर आकर जान से मारने की धमकी दी गई थी. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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