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सुप्रीम कोर्ट ने 'गृहणियों' को क्यों कहा 'राष्ट्र निर्माता', घरेलू कामों का कोई मूल्य हो सकता है?
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए परिवार में दिए महिलाओं के योगदान को देखते हुए उन्हें राष्ट्रनिर्माता बताया है.अदालत ने कहा कि गृहिणियों के इन कार्यों का न्यूनतम आर्थिक मूल्य 30,000 रुपये प्रतिमाह माना जाना चाहिए.
- जून 12, 2026 16:25 pm IST
- Written by: मेधा