मेधा
कॉलमिस्ट
डॉक्टर मेधा दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज में हिंदी साहित्य पढ़ाती हैं. वो स्त्री विमर्श, धर्म और सामाजिक-राजनीतिक विषयों पर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख लिखती रहती हैं.
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सुप्रीम कोर्ट ने 'गृहणियों' को क्यों कहा 'राष्ट्र निर्माता', घरेलू कामों का कोई मूल्य हो सकता है?
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए परिवार में दिए महिलाओं के योगदान को देखते हुए उन्हें राष्ट्रनिर्माता बताया है.अदालत ने कहा कि गृहिणियों के इन कार्यों का न्यूनतम आर्थिक मूल्य 30,000 रुपये प्रतिमाह माना जाना चाहिए.
- जून 12, 2026 16:25 pm IST
- Written by: मेधा