हालिया चुनावी सर्वे से स्पष्ट हुआ है कि आज के युवा वोटरों (Gen-Z) के लिए राजनीति में जाति और धर्म से ज्यादा अहमियत 'मुद्दों' और 'राष्ट्रवाद' की है. सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के करीब 50% युवाओं का मानना है कि उनकी राजनीतिक राय सोशल मीडिया से बन रही है. हालांकि, एक बड़ी चिंता यह है कि दोनों ही धड़ों के 50% से अधिक युवाओं को लगता है कि राजनीतिक दल उनके असली मुद्दों (जैसे बेरोजगारी और पेपर लीक) को नहीं समझते हैं. 70% से ज्यादा युवा वोटर चाहते हैं कि चुनाव में युवा उम्मीदवारों को मौका मिले, क्योंकि वर्तमान नेतृत्व और युवाओं के बीच एक बड़ा गैप आ गया है.