झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों के भारी दबाव में आकर विवादित JSSC CGL परीक्षा और टीडीपीएल द्वारा आयोजित अन्य सभी परीक्षाओं को रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया. इस फैसले के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र महतो ने अपना 16 दिनों से जारी आमरण अनशन समाप्त कर दिया. अनशन समाप्त होने पर लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने उन्हें वीडियो कॉल कर बधाई दी.
हालांकि, इस फैसले ने सोरेन सरकार के लिए 'एक तरफ कुआं, दूसरी तरफ खाई' जैसी स्थिति पैदा कर दी है. परीक्षा रद्द होने से जहां एक गुट जश्न मना रहा है, वहीं परीक्षा पास कर चुके लगभग 2,250 चयनित अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए हैं. इन अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने मेहनत से परीक्षा पास की थी और इस फैसले से उनकी नौकरी छिन गई है. कई अभ्यर्थियों ने इस नियुक्ति के लिए अपनी पुरानी सरकारी नौकरियां तक छोड़ दी थीं. वे जांच का सामना करने को तैयार हैं, लेकिन पूरी परीक्षा रद्द करने के खिलाफ अब भूख हड़ताल और कानूनी लड़ाई की चेतावनी दे रहे हैं.