शिक्षा सुधार से जुड़े नए बिल पर संसद में चर्चा शुरू होते ही सियासी घमासान भी तेज हो गया. लोकसभा में विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली. समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र आंदोलन के दबाव में सरकार को झुकना पड़ा और एक मंत्री को हटाकर प्रधानमंत्री को बचाने की कोशिश की गई. वहीं सरकार की ओर से नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिल का बचाव करते हुए कहा कि अब न कोई पेपर बिकेगा और न ही किसी छात्र का सपना टूटेगा.