2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. एक तरफ हिंदू वोटरों को साधने की कोशिशें जारी हैं और इसके लिए लंबे समय से ‘80 बनाम 20’ की राजनीतिक बहस को हवा दी जाती रही है. लेकिन अब इसके समानांतर मुस्लिम वोटों को लेकर भी नई राजनीतिक जंग शुरू होती दिखाई दे रही है. यह लड़ाई 80 और 20 की नहीं, बल्कि 20 फीसदी मुस्लिम वोट बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की है. इस सियासी मुकाबले में नए समीकरण और नए किरदार भी सामने आ रहे हैं. इसी बीच एक तस्वीर ने यूपी की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. लंबे समय से जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने रामपुर जेल में मुलाकात की. इस मुलाकात को 2027 के चुनावी समीकरणों और मुस्लिम वोटरों को लेकर चल रही राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.