संसद के मॉनसून सत्र का अभी तक सत्रावसान नहीं हुआ है. जबकि दोनों सदन 13 अगस्त को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए थे. हालांकि सत्रावसान तुरंत करने की बाध्यता नहीं है.लेकिन दो सत्र के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता. अगर दोनों सदन Prorogue नहीं होते हैं तो पीठासीन अधिकारी फिर से सत्र बुला सकते हैं. इसे मॉनसून सत्र का कंटीन्यूएशन या स्पेशल सेशन कहा जा सकता है.इस बारे में सरकार को अभी फैसला करना है.