इस वीडियो में एक पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे उस दिन की पूरी कहानी बताते हैं, जब ऊंचाई वाले इलाके में भारतीय सैनिक सीमित संख्या में होने के बावजूद T‑72 टैंकों के साथ पूरी तरह तैनात थे. सामने कम ऊंचाई से चीनी सैनिक भी अपने टैंकों के साथ आगे बढ़ रहे थे, जिससे हालात बेहद तनावपूर्ण बन गए थे. अधिकारी बताते हैं कि हालांकि किसी भी वक्त फायर खुलने की आशंका थी, लेकिन जमीनी परिस्थितियों और सैन्य फॉर्मेशन को देखते हुए खुले संघर्ष की संभावना कम लग रही थी. साथ ही यह भी साफ किया गया कि भारतीय सैनिकों को अपनी सुरक्षा और पोजिशन पर खतरा महसूस होने की स्थिति में तुरंत फायर करने की पूरी छूट थी.