इस वीडियो में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे उस विवाद पर साफ जवाब देते हैं, जो संसद में उनकी किताब को लेकर उठा था. राहुल गांधी से बातचीत न करने पर जनरल नरवणे ने बताया कि किताब का मसौदा रक्षा मंत्रालय (MOD) की समीक्षा में था, इसलिए किसी भी तरह की टिप्पणी करना उनके लिए सही नहीं था. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्री‑ऑर्डर प्रमोशन का मतलब किताब का सार्वजनिक प्रकाशन नहीं होता और उन्हें पूरा भरोसा है कि समीक्षा के बाद किताब जरूर आएगी. इस बातचीत में समझिए किताब विवाद, सेना प्रमुख का रुख और क्यों उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी बनाए रखी.