- कानपुर में एक पति ने अपनी पत्नी हसीना खातून की हत्या कर दी
- पप्पू पासवान हसीना का चौथा पति था, मृतक लगातार देती थी धमकी
- पप्पू पासवान हसीना की हत्या करके भाग गया था, पुलिस ने किया गिरफ्तार
'उसने मुझे प्रेम जाल में फंसाया, मेरे खिलाफ मुकदमे लिखवाए, मैं सब सहता रहा. लेकिन जब उसने मेरी 13 साल की मासूम बेटी को लेकर उल्टी-सीधी बातें बोलीं और गालियां दीं, तो मेरे सब्र का बांध टूट गया और मैंने उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया'. यह कोई फिल्मी डायलॉग नहीं, बल्कि कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में हुई काजल उर्फ हसीना खातून की हत्या के आरोपी पप्पू पासवान का वह कबूलनामा है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया. कानपुर की थाना चकेरी पुलिस ने 28 वर्षीय काजल की गला घोंटकर हत्या करने वाले शातिर आरोपी पप्पू पासवान को गिरफ्तार कर एक मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया है.
क्या है पूरी कहानी?
एक क्राइम थ्रिलर जैसी है दास्तान पुलिस की पूछताछ में आरोपी पप्पू पासवान (42 वर्ष) ने जो कहानी बताई, वह रिश्तों के धोखे, ब्लैकमेलिंग और खौफनाक अंत की एक दहला देने वाली दास्तान है. राजमिस्त्री का काम करने वाले पप्पू की मुलाकात साल 2021 में कांशीराम कॉलोनी में काजल उर्फ हसीना खातून से तब हुई थी, जब वह वहां मजदूरी मांगने आई थी. दोनों के बीच दोस्ती हुई और प्यार परवान चढ़ने लगा. काजल के दबाव में आकर 2022 में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली. लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब काजल को पता चला कि पप्पू पहले से शादीशुदा है. इसके बाद काजल ने पप्पू के खिलाफ बिधनू थाने में दूसरी शादी करने, मारपीट और धमकी देने का मुकदमा दर्ज करा दिया.
काजल का चौंकाने वाला इतिहास, हर पार्टनर पर किया मुकदमा
पुलिस जांच में मृतका काजल उर्फ हसीना उर्फ दीया का जो अतीत सामने आया, वह किसी को भी चौंका सकता है. पप्पू उसका पहला शिकार या साथी नहीं था. काजल की पहली शादी 10-15 साल पहले जाजमऊ के हमजा खान से हुई थी, जिसके साथ वह 3-4 साल रही. इसके बाद वह उन्नाव के लखापुर निवासी राजकुमार के साथ रहने लगी. बात बिगड़ने पर उसने राजकुमार और उसके परिवार पर उन्नाव के गंगाघाट थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया. इसके बाद काजल सनिगवां में आसिफ कुरैशी के साथ रही. विवाद होने पर उसने आसिफ के खिलाफ भी दुष्कर्म और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जिसमें बाद में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी.
मुकदमों का मायाजाल और 4 नामों वाली महिला
डीसीपी सत्यजीत गुप्ता के मुताबिक, मृतका कोई आम महिला नहीं थी. उसके एक-दो नहीं बल्कि कई नाम थे- काजल, हसीना, मरजीना, दिया और रिया. मूल रूप से देवरिया के बघौचघाट की रहने वाली काजल की जिंदगी रिश्तों और मुकदमों के भंवर में उलझी थी. काजल की पहली शादी करीब 15 साल पहले हमजा खान से हुई थी. कुछ साल बाद वह उन्नाव के राजकुमार के साथ रहने लगी
दीवार की मरम्मत से शुरू हुई थी खौफनाक दास्तान
आरोपी पप्पू पासवान पेशे से राजमिस्त्री है. साल 2021 में कांशीराम कॉलोनी में एक मकान की मरम्मत के दौरान उसकी मुलाकात काजल से हुई थी, जो वहां मजदूरी मांगने आई थी. दोनों में दोस्ती हुई और काजल ने पप्पू पर शादी का दबाव बनाया. 2022 में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली. लेकिन जब काजल को पता चला कि पप्पू पहले से शादीशुदा है, तो उसने पप्पू के खिलाफ भी बिधनू थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया.
'जब उसने मेरी बेटी को गालियां दीं, तो मैंने हत्या की ठान ली'
डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि पुलिस पूछताछ में पप्पू ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि मुकदमा दर्ज कराने के बाद काजल समझौते का दबाव बनाकर जबरन उसके साथ रहने आ गई. वह पप्पू पर अपनी पहली पत्नी को तलाक देने का दबाव बनाती थी. पप्पू ने बताया, मैं सब सहता रहा, यह सोचकर कि वह मेरे खिलाफ दर्ज मुकदमे में सुलह कर लेगी. लेकिन वह बात-बात पर मुझे झूठे मुकदमों में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देती थी. हद तो तब हो गई जब उसने मेरी 13 साल की बेटी को अपशब्द कहने शुरू कर दिए. एक पिता यह बर्दाश्त नहीं कर सका और मैंने उसे रास्ते से हटाने की योजना बना ली.
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
21 अक्टूबर 2026 की दोपहर करीब 12 बजे स्वर्ण जयंती विहार स्थित निर्माणाधीन किराये के मकान में दोनों के बीच फिर से विवाद हुआ. काजल गालियां देने लगी. पहले से ही हत्या का मन बना चुके पप्पू ने दोनों हाथों से उसका गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद वह कमरे के दरवाजे पर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया. दो दिन बाद, 24 अक्टूबर को जब कमरे से बदबू आई और मकान मालिक को शक हुआ, तो पुलिस मौके पर पहुंची. कमरे में काजल का शव मिला, जिसके शरीर और चेहरे पर चोट के निशान थे. पोस्टमॉर्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई. काजल की बहन नाजिया खातून की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने हत्यारे पप्पू को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. पुलिस अब इस मामले में अन्य पहलुओं और फरार बताए जा रहे आतिफ की भूमिका की भी जांच कर रही है.
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